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Aatma Mere Ram
(1)

02/02/2025
"CID" भारतीय टेलीविजन का एक ऐतिहासिक शो था, जिसने 20 सालों तक दर्शकों का मनोरंजन किया। यह सिर्फ एक क्राइम शो नहीं था, बल...
02/02/2025

"CID" भारतीय टेलीविजन का एक ऐतिहासिक शो था, जिसने 20 सालों तक दर्शकों का मनोरंजन किया। यह सिर्फ एक क्राइम शो नहीं था, बल्कि इसके किरदार, डायलॉग और टीम वर्क दर्शकों के दिलों में बस गए।

CID के कुछ यादगार डायलॉग:

1. ACP प्रद्युम्न: "कुछ तो गड़बड़ है!" – हर रहस्यमयी केस में यह डायलॉग आते ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ जाती थी।

2. इंस्पेक्टर दया: "दया, दरवाजा तोड़ दो!" – शायद यह भारतीय टेलीविजन का सबसे फेमस डायलॉग है।

3. डॉ. सालुंखे: "ACP, ये तो बड़ा ही अजीब केस है!" – फॉरेंसिक एनालिसिस के दौरान यह डायलॉग बहुत सुना जाता था।

4. इंस्पेक्टर अभिजीत: "तुम झूठ बोल रहे हो, सच बताओ!" – उनका दबंग अंदाज़ क्रिमिनल्स को डराने के लिए काफी था।

मेरा पसंदीदा CID एपिसोड:

मुझे "The Inheritance Mystery" (विरासत का रहस्य) वाला एपिसोड बहुत पसंद था, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की हत्या होती है, और केस सुलझाने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा "Case of the Killer Bride" और "Case of the Stolen Gun" भी बेहद रोमांचक थे।

आपका कोई फेवरेट एपिसोड या सीन है?

दयानंद शेट्टी और आदित्य श्रीवास्तव दोनों ही मशहूर भारतीय टेलीविज़न अभिनेता हैं, जो सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुए टीवी शो "CID...
01/02/2025

दयानंद शेट्टी और आदित्य श्रीवास्तव दोनों ही मशहूर भारतीय टेलीविज़न अभिनेता हैं, जो सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुए टीवी शो "CID" में अपने किरदारों के लिए।

दयानंद शेट्टी (Daya)

पूरा नाम: दयानंद चंद्रशेखर शेट्टी

जन्म: 11 दिसंबर 1969, कर्नाटक, भारत

प्रसिद्ध किरदार: सीनियर इंस्पेक्टर दया (CID)

पहचान: "CID" में दरवाजा तोड़ने वाले संवाद "दया, दरवाजा तोड़ दो!" के लिए मशहूर।

करियर:

"CID" (1998-2018) में उनकी दमदार एंट्री और एक्शन सीक्वेंस के लिए लोग उन्हें बहुत पसंद करते थे।

उन्होंने कई रियलिटी शोज़ (जैसे "झलक दिखला जा", "खतरों के खिलाड़ी") और फिल्मों ("सिंघम रिटर्न्स") में भी काम किया है।

दिलचस्प बात:

असल जिंदगी में भी दयानंद शेट्टी एक अच्छे एथलीट थे और शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में चैंपियन रहे हैं।

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आदित्य श्रीवास्तव (Abhijeet)

जन्म: 21 जुलाई 1968, इलाहाबाद (अब प्रयागराज), उत्तर प्रदेश

प्रसिद्ध किरदार: सीनियर इंस्पेक्टर अभिजीत (CID)

करियर:

CID में शांत, समझदार और सुलझे हुए पुलिस ऑफिसर के किरदार में दिखे।

उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया, जिनमें "सत्या", "ब्लैक फ्राइडे", "गुलाल", और "काय पो छे" शामिल हैं।

खासियत:

CID में उनके और इंस्पेक्टर दया (दयानंद शेट्टी) की जोड़ी बहुत फेमस रही।

शो में उनका किरदार दया का करीबी दोस्त और इंटेलिजेंट ऑफिसर था।

CID में दयानंद शेट्टी और आदित्य श्रीवास्तव की जोड़ी को लोगों ने बहुत पसंद किया, और आज भी उनके फैंस उन्हें याद करते हैं!

"सीआईडी" भारतीय टेलीविजन का सबसे आइकॉनिक क्राइम शो था, जिसने 1998 से 2018 तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस शो की सफल...
01/02/2025

"सीआईडी" भारतीय टेलीविजन का सबसे आइकॉनिक क्राइम शो था, जिसने 1998 से 2018 तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस शो की सफलता का सबसे बड़ा कारण थी उसकी प्यारी और मजबूत टीम, जिसने अपराधियों को पकड़ने और न्याय दिलाने के लिए हर संभव कोशिश की।

सीआईडी टीम के मुख्य सदस्य:

1. एसीपी प्रद्युम्न (शिवाजी साटम)

टीम के लीडर और सबसे अनुभवी अधिकारी।

उनका फेमस डायलॉग "कुछ तो गड़बड़ है" आज भी मशहूर है।

हर केस को सुलझाने में उनकी सोच और अनुभव अहम भूमिका निभाते थे।

2. सीनियर इंस्पेक्टर अभिजीत (आदित्य श्रीवास्तव)

बेहद बुद्धिमान, तर्कसंगत और तेज-तर्रार अफसर।

उनकी और दया की दोस्ती शो की जान थी।

कठिन केसों को सुलझाने में उनकी दिमागी ताकत बहुत मदद करती थी।

3. इंस्पेक्टर दया (दयानंद शेट्टी)

सीआईडी का ताकतवर और भरोसेमंद अफसर।

उनका आइकॉनिक डायलॉग "दया, दरवाजा तोड़ दो!" शो का सबसे यादगार हिस्सा बन गया।

न सिर्फ एक्शन में माहिर बल्कि एक अच्छे इन्वेस्टिगेटर भी थे।

4. डॉ. सालुंके (नरेश कानोडिया/तनुज महाशब्दे)

टीम के फॉरेंसिक एक्सपर्ट, जिनके बिना कोई केस पूरा नहीं हो सकता था।

उनका साइंटिफिक एप्रोच और तर्क-वितर्क एसीपी प्रद्युम्न के साथ काफी मजेदार होता था।

5. सब-इंस्पेक्टर फ्रेडरिक्स (डिंपी मिश्रा)

टीम का हंसी-मजाक करने वाला मेंबर, लेकिन शानदार इन्वेस्टिगेटर।

उनकी कॉमेडी टाइमिंग और ईमानदारी ने दर्शकों का दिल जीता।

6. सब-इंस्पेक्टर श्रेया (जांजिनी सिंह)

शो की नई पीढ़ी की स्मार्ट और साहसी महिला ऑफिसर।

अपने तेज दिमाग और एक्शन के कारण दर्शकों की पसंद बनीं।

7. सब-इंस्पेक्टर विवेक (विवेक मिश्रा)

टीम का एनर्जेटिक और मेहनती मेंबर।

अपने दमदार एक्शन और डेडिकेशन के लिए पहचाने जाते थे।

सीआईडी टीम की खासियत:

✔ टीमवर्क – हर केस को मिलकर सुलझाना।
✔ दोस्ती और वफादारी – खासकर अभिजीत और दया की दोस्ती।
✔ थ्रिल और सस्पेंस – हर एपिसोड में कुछ नया देखने को मिलता था।
✔ एक्शन और इन्वेस्टिगेशन – असली क्राइम सॉल्विंग का मजा।

सीआईडी की लोकप्रियता:

"सीआईडी" भारतीय टेलीविजन का सबसे लंबा चलने वाला शो था। "दया, दरवाजा तोड़ दो!" जैसे डायलॉग आज भी पॉपुलर हैं। इस शो और इसकी टीम ने करोड़ों दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई है और हमेशा याद की जाएगी!

"CID" के दया और अभिजीत की जोड़ी वाकई में दर्शकों के दिलों में बस गई थी। उनकी दोस्ती, एक्शन, इमोशनल कनेक्शन और जबरदस्त डा...
31/01/2025

"CID" के दया और अभिजीत की जोड़ी वाकई में दर्शकों के दिलों में बस गई थी। उनकी दोस्ती, एक्शन, इमोशनल कनेक्शन और जबरदस्त डायलॉग डिलीवरी ने शो को यादगार बना दिया।

सीरीज़ में इन दोनों का संतुलन परफेक्ट था—जहां दया की शारीरिक ताकत और एंग्री यंग मैन वाली छवि थी, वहीं अभिजीत का तेज़ दिमाग और शांत, सुलझा हुआ अंदाज केस को सुलझाने में मदद करता था।

क्या आपको CID का कोई खास एपिसोड याद है जिसमें दया और अभिजीत की जोड़ी ने शानदार काम किया हो?

सीआईडी सीरियल के मशहूर किरदार एसीपी प्रद्युम्न भारतीय टेलीविज़न के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय पात्रों में से एक हैं। इस...
28/01/2025

सीआईडी सीरियल के मशहूर किरदार एसीपी प्रद्युम्न भारतीय टेलीविज़न के सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय पात्रों में से एक हैं। इस किरदार को अभिनेता शिवाजी सतम ने निभाया, जिन्होंने अपने अभिनय कौशल से इसे यादगार बना दिया।

एसीपी प्रद्युम्न की खासियतें:

1. नेतृत्व क्षमता: एसीपी प्रद्युम्न सीआईडी टीम के प्रमुख थे और हमेशा टीम को निर्देशित करते हुए सबसे मुश्किल केस सुलझाते थे।

2. न्यायप्रियता: वह हमेशा सही और गलत के लिए खड़े रहते थे और कानून के दायरे में रहकर अपराधियों को सजा दिलाने में विश्वास रखते थे।

3. अनूठी संवाद शैली:

उनका प्रसिद्ध डायलॉग "कुछ तो गड़बड़ है, दया!" भारतीय दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।

उनके अन्य संवाद जैसे "ये राज़ तभी खुलेगा जब..." भी दर्शकों को खूब पसंद आया।

4. भावनात्मक पक्ष: भले ही वह सख्त और गंभीर अधिकारी थे, लेकिन उनके किरदार में एक संवेदनशील पक्ष भी दिखाया गया, खासकर जब उनकी टीम के किसी सदस्य को मुश्किल का सामना करना पड़ता।

अभिनेता शिवाजी सतम के बारे में:

शिवाजी सतम का जन्म 21 अप्रैल 1950 को महाराष्ट्र में हुआ।

वह मराठी और हिंदी सिनेमा का एक बड़ा नाम हैं। सीआईडी में एसीपी प्रद्युम्न का किरदार निभाने से पहले उन्होंने मराठी थिएटर और फिल्मों में भी काम किया।

शिवाजी सतम ने बॉलीवुड फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाई है, जिनमें "गुलाम-ए-मुस्तफा", "नायक", और "वास्तव" जैसी फिल्में शामिल हैं।

सीआईडी और एसीपी प्रद्युम्न का योगदान:

सीआईडी भारतीय टेलीविजन पर 20 साल (1998-2018) तक चला, और एसीपी प्रद्युम्न इस शो की पहचान बन गए।

इस किरदार ने न केवल शो को बल्कि भारतीय दर्शकों के दिलों में भी एक खास जगह बनाई।

एसीपी प्रद्युम्न हमेशा अपनी टीम (दया, अभिजीत, और अन्य सदस्यों) के साथ मिलकर चुनौतीपूर्ण केस सुलझाते दिखे, और उनका किरदार अब भी टेलीविज़न के सबसे यादगार और प्रतिष्ठित किरदारों में गिना जाता है।

आप इस शो का कोई खास एपिसोड याद करना चाहेंगे?

सीआईडी (CID) सीरियल ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। यह शो भारतीय टेलीविजन का सबसे लंबे समय तक चलने वाला क्राइम...
27/01/2025

सीआईडी (CID) सीरियल ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। यह शो भारतीय टेलीविजन का सबसे लंबे समय तक चलने वाला क्राइम थ्रिलर शो है, जिसे 1998 से 2018 तक प्रसारित किया गया। इसके निर्माता बी.पी. सिंह थे, और यह शो सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित होता था।

इस सीरियल में एसीपी प्रद्युमन (शिवाजी सतम), इंस्पेक्टर दया (दयानंद शेट्टी), और अभिजीत (आदित्य श्रीवास्तव) जैसे किरदार बेहद लोकप्रिय हुए। शो की सबसे खास बात थी इसकी रोचक कहानी, रहस्यमय अपराधों की जांच और "दया, दरवाजा तोड़ दो!" जैसे यादगार डायलॉग्स।

सीआईडी ने न केवल दर्शकों को मनोरंजन दिया बल्कि उन्हें अपराध की जांच और न्याय पाने के लिए प्रेरित भी किया। इस शो ने भारतीय टेलीविजन में एक नया मानदंड स्थापित किया।

"CID" भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे और सबसे सफल क्राइम शो में से एक था, जो लगभग दो दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करता ...
26/01/2025

"CID" भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे और सबसे सफल क्राइम शो में से एक था, जो लगभग दो दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करता रहा। शो की प्रमुख टीम के सदस्य, उनके किरदार और उनके द्वारा निभाए गए योगदान ने इसे एक आइकॉनिक शो बना दिया।

1. एसीपी प्रद्युम्न (शिवाजी साटम): शिवाजी साटम ने एसीपी प्रद्युम्न के किरदार को बेहद सशक्त और प्रभावशाली तरीके से निभाया। उनकी सटीक निर्णय क्षमता और "कुछ तो गड़बड़ है" जैसी मशहूर लाइनें आज भी दर्शकों के बीच याद की जाती हैं। वह हमेशा मामलों के हर पहलू पर बारीकी से ध्यान देते थे और उनकी लीडरशिप ने शो को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

2. दया (दयानंद शेट्टी): दया का किरदार शो में ताकत और निडरता का प्रतीक था। उनकी ओर से बोले गए डायलॉग "दया, दरवाजा तोड़ दो" ने दर्शकों के बीच एक खास पहचान बनाई। उनका यह इन्फेमस सीन आज भी मीम्स और जोक्स में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।

3. अभिजीत (आदित्य श्रीवास्तव): आदित्य श्रीवास्तव द्वारा निभाए गए अभिजीत का किरदार बेहद स्मार्ट, लॉजिकल और ईमानदार था। एसीपी प्रद्युम्न के सबसे भरोसेमंद अफसरों में से एक, अभिजीत का रोमांटिक ट्रैक, खासकर डॉ. तारिका के साथ, फैंस के बीच काफी चर्चित रहा।

4. फ्रेडी (दिनेश फडनीस): फ्रेडी का किरदार शो में हल्के-फुल्के हास्य का तड़का था। उनकी मासूमियत, ईमानदारी और हंसी-खुशी की स्थिति ने दर्शकों को उन्हें पसंद करने पर मजबूर किया। फ्रेडी के शरारतें और दिलचस्प शख्सियत शो में बहुत खास थीं।

5. डॉ. तारिका (श्रद्धा मूसले): डॉ. तारिका का किरदार एक कुशल फॉरेंसिक एक्सपर्ट के रूप में था। वह अपने ज्ञान और केस की गहरी समझ से टीम की मदद करती थीं। उनके और अभिजीत के हल्के रोमांटिक ट्रैक ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई।

शो की सफलता का राज: "CID" की सफलता का मुख्य कारण उसकी शानदार टीम के बीच की केमिस्ट्री, प्रत्येक केस में मौजूद सस्पेंस और मामले को सुलझाने की नई और अनोखी तकनीक थी। इसके साथ ही, शो में मनोरंजन और गंभीरता का बेहतरीन मिश्रण था, जो दर्शकों को हमेशा बांधे रखता था। इसने भारतीय टेलीविजन पर एक नए युग की शुरुआत की और एक लंबे समय तक अपने दर्शकों का दिल जीता।

"सीआईडी" भारतीय टेलीविजन का सबसे लंबा चलने वाला और लोकप्रिय क्राइम इन्वेस्टिगेशन शो है, जो पहली बार 1998 में प्रसारित हु...
26/01/2025

"सीआईडी" भारतीय टेलीविजन का सबसे लंबा चलने वाला और लोकप्रिय क्राइम इन्वेस्टिगेशन शो है, जो पहली बार 1998 में प्रसारित हुआ था। शो की जान थी उसकी टीम, जो हर केस को सुलझाने के लिए अपने खास अंदाज और दृढ़ता के लिए जानी जाती थी।

सीआईडी टीम के मुख्य सदस्य:

1. एसीपी प्रद्युम्न (शिवाजी साटम)

भूमिका: टीम के मुखिया और शो का सबसे प्रतिष्ठित किरदार।

खासियत: उनके डायलॉग "कुछ तो गड़बड़ है" और "दया, दरवाजा तोड़ दो" बेहद मशहूर हुए।

व्यक्तित्व: गंभीर, सख्त, और अपनी टीम के लिए बेहद प्रेरणादायक।

2. दया (दयानंद शेट्टी)

भूमिका: टीम के बलशाली अधिकारी।

खासियत: "दरवाजा तोड़ने" के लिए मशहूर।

व्यक्तित्व: शांत, दृढ़, और भरोसेमंद।

डायलॉग: "जी सर!" उनकी पहचान बन गया।

3. अभिजीत (आदित्य श्रीवास्तव)

भूमिका: टीम के होशियार और रणनीतिक अधिकारी।

खासियत: उनकी सूझबूझ और हर केस को तार्किक तरीके से सुलझाने की क्षमता।

व्यक्तित्व: शालीन, स्मार्ट, और हमेशा टीम के साथ खड़े रहने वाले।

खास रिश्ता: एसीपी प्रद्युम्न के बाद टीम के सबसे भरोसेमंद सदस्य।

4. फ्रेड्रिक्स (फ्रेडी) (दिनेश फड़नीस)

भूमिका: टीम के कॉमिक रिलीफ और जिंदादिल सदस्य।

खासियत: अपनी मासूमियत और हंसी-मजाक से केस के तनाव को हल्का करना।

व्यक्तित्व: उत्साही, दिलचस्प, और टीम का मनोरंजन करने वाला।

5. डॉ. सालुंके (नरेन्द्र गुप्ता)

भूमिका: फॉरेंसिक विशेषज्ञ।

खासियत: हर केस के वैज्ञानिक पहलुओं को सुलझाने में मदद करना।

व्यक्तित्व: तेज-तर्रार, ज्ञानवान, और कभी-कभी मजाकिया।

सहयोगी: उनकी असिस्टेंट डॉ. तारिका।

6. डॉ. तारिका (श्रद्धा मुसले)

भूमिका: फॉरेंसिक टीम की सदस्य।

खासियत: डॉ. सालुंके की मदद करना और टीम की दोस्त बनना।

व्यक्तित्व: स्मार्ट, पेशेवर, और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय।

अन्य सदस्य:

इंस्पेक्टर सचिन: साहसी और तेज।

इंस्पेक्टर कैथ: टीम की महिला सदस्य।

सुभ्रतो: पुराने समय के सीआईडी अधिकारी।

टीम की खासियत:

हर सदस्य अपनी भूमिका में बेमिसाल था।

टीम में गहरी दोस्ती और पेशेवर प्रतिबद्धता देखने को मिलती थी।

हर केस को सुलझाने के लिए टीम का समर्पण और मेहनत सराहनीय थी।

सीआईडी की विरासत:

"सीआईडी" और उसकी टीम ने भारतीय टेलीविजन पर एक ऐसा प्रभाव छोड़ा है जिसे दर्शक कभी नहीं भूल सकते। इस शो की वजह से हर किरदार एक आइकन बन गया।

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