22/07/2025
मेरी चाची का नाम अलका है और
वो बहुत ही हॉट फिगर वाली औरत
है वो घर पर भी श्रृंगार में रहती थी
उनकी अदाए और चाल मदमस्त कर
देने वाली थी उनका फिगर भी बहुत
हॉट था और मेंगो जैसे मम्मे को देख
कर कोई भी अपना हथियार पकड
ले मैं 12th के बाद इंजीनियरिंग
कॉलेज में एडमिशन लिया है एकदिन
मैं अपने स्टडी रूम में पढ़ रहा था
मेरा स्टडी रूम किचन के बाजु में है
उस दिन घर में चाची और उनकी
फ्रेंड सोनाली थी सोनाली बहुत ही
मस्त एंड हॉट बम थी वो अक्सर
चाची से मिलने हमारे घर आया
करती थी वो दोनों किचन में बैठे
हुए थे चाची का मूड ऑफ देख कर
उसने पूछा कि अलका रानी तुम
इस तरह उदास क्यों हो? इस पर
अलका चाची ने कहा कैसे उदास
ना रहू हमारी शादी को ३ साल हो
गये हमारे एक भी बच्चा नहीं है हमे
लोग क्या क्या नहीं कहते मैं ये बात
चुपचाप सुन रहा था सोनाली ने
कहा मेरी बस्ती में एक बाबा है तो
उसकी पूजा से सब प्रॉब्लम ठीक
कर देता है मैं तुझे उसके पास ले
चलती हु चाची ने कहा ठीक है
कल शाम को ही चलते है मैं भी
घुमने के लिए बाहर निकल गया
फिर वापस आकर मैं फ्रेश हो गया
और चाची बहुत अच्छी सी स्माइल
लिए मेरे कमरे में आई और हम खाना
खा कर सो गये और अगले दिन मैं
फ्रेश हुआ और चाची को मैंने उठ कर
गुड मोर्निंग बोला ऊन्होने मुझे बहुत
अच्छी स्माइल दी और बाथरूम में
घुस गयी वो तैयार हो कर मेरे पास
आई और बोली मैं अपनी फ्रेंड सोनाली
के यहाँ जा रही हु और शाम को मैं
लेट हो जाउंगी मैं भी तैयार होकर
कोचिंग क्लास निकल गया चाचा भी
उसी दिन बाहर से आये थे ५ बजे मैं
क्लास से वापस आया और देखा
कि चाची एक वंडर स्माइल लेकर
चाचा के कमरे में शरबत लेकर जा
रही है मैं भी चुपचाप से उनके पीछे
चला गया वो चाचा के पास एक मीठी
सी मुस्कान के साथ किस कर
एक्साइट हो गयी और चाचा से कहा
मैं आज एक बाबा से मिल कर
आई हु मुझे देख कर चाची चुप हो
गयी और दुसरे टॉपिक पर बात करने
लगी फिर चाचा मेरी पढाई के बारे
में पूछने लगे और मैं समझ गया कि
चाची चाचा को कोई राज की बात
बताने वाली थी फिर मैं खेलने का
बहाना लेकर नीचे जाने लगा और
चाची ने झट से डोर बंद कर लिया
और चाचा से कुछ कहने लगी मैं डोर
के पास जाकर कान लगाकर सुनने लगा
चाची कह रही थी एक पूजा करने पर
; हम जल्द ही संतान पैदा कर सकते है
चाचा ने पूछा वो कैसे? चाची ने कहा
उन्होंने कहा है कि आने वाली अमावस्या
की रात को तुझे लिंग गुफा पूजा करनी
होगी और मैं डिटेल में सब बताउंगी
मैंने नीचे खाना बनाने जा रही हु मैं डोर
से हटकर नीचे की तरफ चले गया मैं
लिंग गुफा पूजा के बारे में सुनकर
बहुत एक्साइट हो गया २ दिनों बाद
अमावस्या आने वाली थी और कल
मम्मी पापा भी बाहर जाने की तैयारी
कर रहे थे मेरी कोचिंग क्लास के
कारण मैं नहीं जा पा रहा था दुसरे
ही दिन शाम को उन्हें हम उनको
स्टेशन पर छोडकर आ गये अब
घर में मैं चाचा और चाची ही थे घर
आकर थक चुके थे इसलिए खाना
खा कर सो गये फिर अगले ही दिन
अमावस्या का दिन था मैं सुबह ही फ्रेश
होकर दोस्त के घर चले गया और
दोपहर को आकर हमने एक साथ
खाना खाया और फिर मैं अपनी
कोचिंग क्लास के लिए निकल गया
जब मैं शाम को वापस आया तो चाचा
मार्किट गये थे और देखा कि चाची
अपने कमरे में श्रृंगार कर रही थी
अपने हाथो में मेहंदी लगा रखी थी
पेरो में सुंदर सा अलता है मैंने पूछा
कि ये श्रृंगार आज किस लिए? तो
वो बोली ऐसे ही मुझे तो श्रृंगार में
रहना अच्छा लगता है और कह कर
टाल दिया फिर मैंने दिखा कि चाचा
मार्किट से आकर फ्रेश होने चले गये
बाहर कमरे में थाली में कुछ पूजन
सामग्री लाये थे उसमे रसमलाई का
एक बडा डिब्बा था मैंने उन्हें देख कर
बाहर खेलने चले गया फिर आकर
देखा कि चाची सोलह श्रृंगार पूरी
दुल्हन की तरह सजी थी जो देवी
से कम नहीं लग रही थी चाची ने
कहा तुम खाना खा लेना हम काली
मंदिर जा रहे है देवी के दर्शन के
लिए मैंने समझ गया कि चाची
आज कुछ विशेष करने वाली है
मैं खाना खाकर जल्दी से ८ बजे
ही सो गया और वो लोग थोडी देर
बाद ही आ गये मैंने डोर खोला और
मैंने जब उन्हें दुल्हन रूप में देखा
तो मेरा फन से खडा हो गया वो
बहुत ही हॉट मस्त बम दिख रही
थी उन्होंने पूछा ऐश्वर्या तुमने खाना
खा लिया मैंने कहा हाँ चाची मुझे
नीद लग रही है मैं सोने जा रहा हु
वो एक अमस्वाया की रात थी मुझे
हलकी सी नीद भी लगी थी चाचा
चाची ने प्यार से मिल कर खाना
खाया और टेरेस पर टहलने चल
दिए बाद में जब मेरी नीद कुछ १२
१२:३० बीच खुली और मैं टॉयलेट
करने जा रहा था मेरी नज़र चाचा
के कमरे पर पडी उनके कमरे की
लाइट जल रही थी डोर और विंडो
सब कुछ बंद किये हुआ था वहां
कुछ धुआ हो रहा था मैंने चुपचाप
वहां जाकर खडा हुआ अन्दर से
सुंगधित खुशबु आ रही थी मुझे
कुछ दिखाई नहीं दे रहा था मुझे
याद आया कि चाची के कमरे में
जो वेंटिलेटर है वो टेरेस पर है और
वहां से पूरा रूम दिखाई देता है मैं
वहां पहुच गया मैंने वहां का जो
नज़ारा देखा तो मैं अमजेड रह
गया मैंने देखा कि चाची पुरे श्रृंगार
रूप में पूरी निवस्त्र बालो में कजरा
मांग में सिंदूर हाथो में मेहंदी लग
थी पेरो में अलता लगा हुआ था
और उनके मम्मे और तरबूज में भी
मेहंदी लगी थी उनकी कमर पर
वेस्ट चेन बंदी हुई थी इस रूप में
देख कर मैं तो एकदम से वंडर हो
गया पहले कभी ऐसे किसी को
श्रृगार रूप में निर्वस्त्र नहीं देखा था
चाचा भी पुरे नंगे खडे थे और
टेबल में पूजा की थाली रखी थी
जिसमे पूजा का सामान रखा हुआ
था उस समय करीब १ बजा हुआ
था चाची ने पहले चाचा को तिलक
लगाया फिर उनके हांथो में एक
मोली बाँधी और अक्षत चावल
से पूजा चाचा का हथियार खडा
ही था चाची ने हथियार को दूध
दही आदि से पूजा और फिर एक
साफ़ कपडे से पोछने लगी इसके
बाद हथियार पर कुमकुम लगाया
फिर एक और मोली उनके हथियार
पर बाँधी और अक्षत चावल डाले
फिर थाल में दिया जलाकर उसकी
आरती उतारी और उसके सामने
कुछ मिठाई रखी ये सब देख कर मैं
बहुत एक्साइट हो गया और ऐसी लिंग
पूजा मै पहली बार देख रहा था कुछ
देर बाद चाचा ने थाल पकडा और
चाची के मम्मे और गुफा से को
स्नान करवाया और उनके गुप्तांगो
को पूजन किया फिर चाचा ने उनकी
गुफा की आरती की उतारी उसके
बाद चाची ने चाचा के पेरो को छु
कर आशीर्वाद लिया और चाचा ने
उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और
उन्हें अपने आलिंगन में लेकर चूमना
शुरू कर दिया पूरा कमरा सुगंध से
महक रहा था खुदाई पूजा देख कर
चाची ने रसमलाई के डिब्बे में से एक
लेकर चाचा के मुह में डाल दिया
दोनों पान की तरह रसमलाई खाकर
एक दुसरे के होठो को चूमने लगे
और चाचा ने मलाई रस अपने
हथियार पर डाल दिया फिर चाची
हथियार को चूसने लगी ये देख कर
मैं तो और एक्साइट हो रहा था
फिर दोनों एक कामसूत्र कपल
की तरह उन्होंने चाची के दोनों
मम्मे दबाने लगे फिर चाची को
बिस्तर पर लेटा दिया और अपना
हथियार चाची की गुफा पर डाल
दिया और दोनों खुदाई का आनंद
ले रहे थे दोनों बहुत ही एक्साइट
होकर खोद रहे थे उन्होंने ६९ की
पोजीशन भी लिया था जब वो
दोनों ६९ की पोजीशन में थे तो
मेरा हथियार एकदम से खडा हो
गया था और पेंट के अन्दर ही
फनफना रहा था चाचा ने चाची
की गुफा को रसमलाई के रस में
लपेट कर मीठा कर लिया था और
उसको चटकारे लेकर चाट रहे थे
चाची भी रस में लिपटे हुए चाचा
के हथियार को मस्ती में और जोर
जोर से चूस रही थी चाचा अपनी
तरबूज को मस्ती हिलाते हुए चाची
के मुह को खोद रहे थे फिर पता
नहीं क्या हुआ चाचा ने उठकर रूम
की लाइट बंद दी और उसके बाद
मैं कुछ नहीं देख पा रहा था मैं रूम
में नीचे आकर सो गया और मेरे
सोने के १ घंटे बाद ही मेरा निकल
गया मुझे नीद ही नहीं आ रही थी
मेरे दिमाग में वहीँ खुदाई पूजा का
दृश्य चल रहा था फिर सुबह उठ
कर मैंने देखा कि चाची फ्रेश होकर
देवी पूजन की तैयारी कर रही थी
और चाचा काम से निकल गये थे
मैंने चाची को पूछा कल रात मुझे
नीद नहीं आई और मैं छत पर घूम
रहा था चाची सन्न हो गयी और
उनको अहसास हो गया कि मैंने
उनके खुदाई की पूजा देख ली है मैं
मुस्कुरा रहा था और वो भी मुस्कुरायी
और कहने लगी तुमने क्या देखा?
मैं मुस्कुरा रहा था और वो समझ
गयी थी और मेरे फ़ोर्स करने पर
उसने कहा ये गुप्त पूजा एक बाबा
ने बताई थी इसे लिंग गुफा पूजा
कहते है जिससे संतान प्राप्ति जल्दी
होती है धीरे धीरे हम अच्छे दोस्त
बन गये और खुदाई की बातें करने
लगे उन्होंने बताया कि ये पूजा
करवाचौथ की रात को भी किया
जाता है और मैं भी करुँगी उनकी
उस पूजा को एक साल हो गया था
तो भी कुछ नहीं हो रहा था और वो
दोनों इस बात से परेशान थे फिर मैंने
एक दिन चाची को बोला अब एक
पूजा मुझे करने दो और आप बहुत
जल्दी प्रेग्नेंट हो जाओगी वो बोली
मैं कुछ समझी नहीं मैंने कहा जब
चाचा नहीं होंगे तब समझाऊंगा फिर
एकदिन जब चाचा काम से बाहर गये
हुए थे उस रात मैं चाची के कमरे में
गया और सुबह तक चाची को मस्त
खोदा चाची की काम वासना की
तृप्ति पहली बार हुई थी मैंने उनके
मुह उनकी गुफा और उनके तरबूज
के छेद की अच्छी ठुकाई की फिर
मैंने चाची को चाचा के वापस आने
तक रोज़ खोदा और एक ही हफ्ते
बाद चाची ने घर में सबको खुशखबरी
सुना दी चाचा भी खुश थे कि उन
दोनों की पूजा सफल हो गयी लेकिन
ये तो सिर्फ मुझे और चाची को मालूम
था कि किसकी पूजा सफल हुई है