30/05/2022
मैं जब भी अकेले में बैठता हूं और खुद को देखता हूं तो मुझे ये महसूस होता है कि मैं कितना बदल गया हूं.. ना किसी से ज्यादा बात करना, ना किसी को दोस्त बनाना, न प्रेम की इच्छा रखना, ज्यादा वक्त गुमसुम रहना, हर वक़्त खुद में ही व्यस्त रहना। यतार्थ..पहले मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं था..!!!