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जहाँ रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का हुआ संगम: कला फ्यूज़न की तीन दिवसीय आर्ट प्रदर्शनी शुरू50 से अधिक कलाकारों ने पंजाब ...
09/01/2026

जहाँ रचनात्मकता और सामाजिक चेतना का हुआ संगम: कला फ्यूज़न की तीन दिवसीय आर्ट प्रदर्शनी शुरू

50 से अधिक कलाकारों ने पंजाब कला भवन में समकालीन कला के विविध रूप किए प्रदर्शित

चंडीगढ़, 9 जनवरी 2026: पंजाब कला भवन, सेक्टर-16, चंडीगढ़ में शुक्रवार से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय आर्ट एंड क्राफ्ट एग्जीबिशन ने शहर के कला प्रेमियों को समकालीन रचनात्मकता से रूबरू कराया। कला फ्यूज़न द्वारा सोशल सब्स्टेंस के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में 50 से अधिक कलाकारों ने भाग ले रहे हैं जिन्होंने अपनी अनूठी कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से दर्शकों को एक समृद्ध दृश्यात्मक अनुभव प्रदान किया।

इस अवसर पर आयोजित आर्ट एंड क्राफ्ट एग्जीबिशन का उद्घाटन मुख्य अतिथि रविंदर शर्मा ने किया, जो एक प्रख्यात कलाकार, कला इतिहासकार एवं कला शिक्षाविद व चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के वाईस चेयरमैन भी हैं। एग्जीबिशन में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में लोकप्रिय लेखिका, ब्लॉगर एवं आर्टिस्ट रीना चोपड़ा उपस्थित रहीं, जबकि विशेष अतिथि के रूप में प्रसिद्ध विज़ुअल फ़ोटोग्राफ़र एवं पंजाब ललित कला अकादमी के प्रेजिडेंट गुरदीप धीमान ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

इस लाइव आर्ट्स आयोजन में नेहा भल्ला सूद, पूजा गर्ग, रोहन रियाउ, किरपाल ओसाहन, मनीषा भटनागर, डॉ. मेघना वालिया, रितु सोंध, रमीता चावला, नैना शर्मा, अनुराधा सागर, मॉर्फियस नाग, श्रेया (इना), इशिता, सोनम शर्मा, फ़िज़ा अरोड़ा, सोनिया डोगरा, मेघा सक्सेना, अनुलेखा सिंह, मंजू, रीना चोपड़ा, मनीत कौर, समृति गोयल, ईशा धीमान, डॉ. सिमरनजोत कौर, अर्शलीन कौर, नेहा कंसल, तवलीन कौर, मनीष कुमार मीणा, योगिता चौहान, गुनीत कौर, प्रिया शर्मा, नेहा कौशिक, अमृता कालरा, मीनाक्षी ठुकराल, प्राची मिन्हास, पल्लवी, उधम सिंह बराड़, अरुण बंसल, पुनीत मदान, जसबीर कौर, रीता सिकंद, हरशरणजीत सिंह, बच्चितर सिंह, डॉ. पुष्पिंदर कौर, रीता तूर, डॉ. सुनीत,माही गोविंद सिंह, माहीना, सोनी, सृष्टि, सुरेन्द्रा कौर गिल और सुरेंद्र कुमार जैसे नामी आर्टिस्ट्स ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनी में कला के कई अलग-अलग रूप और तकनीकें देखने को मिलीं। ऐक्रेलिक, ऑयल और वॉटरकलर पेंटिंग्स के माध्यम से कलाकारों ने रंगों और भावनाओं को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। वहीं डिजिटल आर्टवर्क, मिनी कैनवास पेंटिंग और अल्कोहल इंक आर्ट ने आधुनिक और नए प्रयोगों को दर्शाया। मूर्तिकला और स्कल्प्चर आर्ट ने त्रि-आयामी कला के माध्यम से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया, जबकि रेज़िन आर्टवर्क, कोस्टर्स और कैंडल आर्ट में रोज़मर्रा की चीज़ों को कलात्मक रूप दिया गया।

इसके साथ ही क्रोशे आर्ट, लिप्पन आर्ट, मंडला आर्ट, पेंटेड स्टोन्स, पेंटेड बोतलें और पेंटेड प्लांटर्स ने पारंपरिक और लोक कलाओं को आधुनिक सोच के साथ प्रस्तुत किया। मिनी प्लांटर्स और हैंडमेड डेकोर आर्ट में प्रकृति और कला का सुंदर मेल देखने को मिला, जिससे प्रदर्शनी में हस्तशिल्प और फाइन आर्ट का आकर्षक संगम दिखाई दिया।

प्रदर्शनी की आयोजक नेहा भल्ला सूद, जो कला के प्रति गहरी रुचि रखने वाली एक समर्पित कलाकार भी हैं, के अनुसार, कला उनके लिए ध्यान और तनाव से मुक्ति का माध्यम है। वे रोज़मर्रा की साधारण वस्तुओं जैसे कांच की बोतलें, कुल्हड़, पत्थर, लकड़ी और सिरेमिक को कला में बदलने के लिए जानी जाती हैं। कैनवास और कागज़ के साथ-साथ नए और अलग माध्यमों पर प्रयोग करना उनकी कला की विशेष पहचान है। उन्होने बताया कि कला फ्यूज़न और सोशल सब्स्टेंस की यह साझेदारी केवल कला के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह रचनात्मक संवाद, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक सहभागिता को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम बनी।

आयोजक रोहन रियाउ—जो एक कंटेम्पररी विसुअल आर्टिस्ट और फिल्ममेकर हैं—ने बताया कि उनके लिए यह प्रदर्शनी रचनात्मक स्वतंत्रता और सहज अभिव्यक्ति का उत्सव रही। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनकी अपनी कला भावनाओं, गति और प्रकृति से प्रेरित होकर स्वतः आकार लेती है, उसी तरह यह मंच भी कलाकारों को बिना किसी बंधन के अपनी रचनात्मकता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। प्रकृति और वन्यजीवन से गहराई से प्रभावित रोहन के कहा कि यह आयोजन उभरते और स्थापित कलाकारों—दोनों के लिए एक ऐसा साझा मंच बना, जहाँ वे अपने कार्य के माध्यम से दर्शकों से जुड़ सके और अपनी पहचान को और मजबूत कर सके।

वहीं सह-आयोजक पूजा गर्ग—जो चंडीगढ़ स्थित एक बहुआयामी कलाकार हैं और ऑयल, ऐक्रेलिक, वॉटरकलर, चारकोल और मिक्स्ड मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों में कार्य करती हैं—ने कहा कि यह प्रदर्शनी कलात्मक विविधता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को समर्पित रही। उनके अनुसार, हर कलाकार की अपनी अलग सोच, शैली और कहानी होती है, और यह मंच उन कहानियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ सामने लाने का माध्यम बना। पूजा ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत कृतियाँ मानवीय अनुभवों के अनकहे और गहरे भावों को दर्शाती रहीं, जिससे दर्शकों को रुककर देखने, सोचने और स्वयं से जुड़ने का अवसर मिला।

नेहा ने बताया कि यह आयोजन केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि कलाकारों, दर्शकों और समाज के बीच संवाद स्थापित करने की एक सशक्त पहल साबित हुआ, जिसने उभरते और स्थापित कलाकारों—दोनों को समान रूप से आगे बढ़ने और अपनी रचनात्मक पहचान को विस्तार देने का अवसर प्रदान किया।

11 जनवरी तक आयोजित इस प्रदर्शनी के दौरान कलाकारों से संवाद, इंटरएक्टिव सत्र और निर्देशित भ्रमण ने दर्शकों, विद्यार्थियों और कला शोधकर्ताओं को सीखने और समझने का अवसर प्रदान किया।

चंडीगढ़। शहर में लगातार बढ़ रही सर्दी के बीच समाजसेवा की एक सराहनीय पहल सामने आई है। सेक्टर-56 चंडीगढ़ में समाजसेवी सोनू...
05/01/2026

चंडीगढ़। शहर में लगातार बढ़ रही सर्दी के बीच समाजसेवा की एक सराहनीय पहल सामने आई है। सेक्टर-56 चंडीगढ़ में समाजसेवी सोनू खान ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को ठंड से बचाव के लिए टोपी, जुराब और शाल का वितरण किया। इस सेवा कार्य से इलाके में सकारात्मक माहौल बना और लोगों ने इस पहल की खुले दिल से सराहना की।
सोनू खान ने बताया कि कड़ाके की ठंड में सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को होती है, जिनके पास ठंड से बचने के पर्याप्त साधन नहीं होते। ऐसे में समाज के सक्षम लोगों का दायित्व बनता है कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें। इसी सोच के साथ उन्होंने यह अभियान शुरू किया, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असहाय न महसूस करे।
इस दौरान सड़क किनारे रहने वाले लोगों, मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों को गर्म कपड़े वितरित किए गए। वितरण के समय सोनू खान ने न सिर्फ सामग्री सौंपी, बल्कि लोगों से संवाद कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने कहा कि सेवा का असली उद्देश्य केवल मदद करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना है।
सोनू खान ने आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से भी अपील की कि वे इस तरह के सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति थोड़ी-सी भी मदद करे, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। क्षेत्रवासियों ने सोनू खान के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और भी लोग ऐसे नेक कार्यों के लिए आगे आएंगे।
इस सेवा अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सर्दी के इस मौसम में अगर दिलों में इंसानियत की गर्माहट हो, तो हर मुश्किल आसान हो सकती है।

बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी दो शाखाओं का उद्घाटन कियाचंडीगढ़ 4 जनवरी 2026: बैंक ऑफ इंडिया ने यहां अपनी दो नई शाखाओं का उद्घाटन...
04/01/2026

बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी दो शाखाओं का उद्घाटन किया

चंडीगढ़ 4 जनवरी 2026: बैंक ऑफ इंडिया ने यहां अपनी दो नई शाखाओं का उद्घाटन किया, जो कुराली और लालडू में हैं। इस पहल से बैंक ने स्थानीय समुदाय को अपनी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।

जानकारी के अनुसार उद्घाटन समारोह में फील्ड जनरल मैनेजर अनिल वर्मा और डिप्टी जनरल मैनेजर वैभव आनंद उपस्थित थे।

अनिल वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण सहित अपने पेशेवर दायित्वों से परे समाज की सेवा करने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
वैभव आनंद ने बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस मौके पर बैंक ऑफ इंडिया ने राष्ट्र की सेवा के 120 वर्ष पूरे होने पर, स्थानीय समुदाय के सहयोग से 120 पेड़ लगाकर हरित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पर्यावरण अनुकूल पहल बैंक ऑफ इंडिया की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी और समुदाय पर सकारात्मक प्रभाव डालने के प्रयासों को मजबूत करती है।

पंजाब के राज्यपाल ने "पंजाब : वेयर कल्चर , हेरिटेज एंड नेचर ब्रीदस" थीम पर आधारित चित्रात्मक  कैलेंडर   2026 का विमोचन क...
31/12/2025

पंजाब के राज्यपाल ने "पंजाब : वेयर कल्चर , हेरिटेज एंड नेचर ब्रीदस" थीम पर आधारित चित्रात्मक कैलेंडर 2026 का विमोचन किया

कैलेंडर 2026 का संकलन राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब द्वारा किया गया

चंडीगढ़, 31 दिसंबर 2025: आज माननीय पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में "पंजाब : वेयर कल्चर , हेरिटेज एंड नेचर ब्रीदस" (पंजाब: जहाँ संस्कृति, विरासत और प्रकृति सांस लेते हैं) थीम पर आधारित राज्य पंजाब के लिए चित्रात्मक कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। इस कैलेंडर की परिकल्पना एवं संकलन राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब, श्री हरप्रीत संधू द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता और परिश्रम के साथ किया गया है। यह कैलेंडर पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पवित्र धार्मिक धरोहर, जीवंत कृषि परंपरा तथा निर्मल प्राकृतिक सौंदर्य का एक सजीव और समग्र दृश्यात्मक चित्रण प्रस्तुत करता है।

कैलेंडर का विमोचन करते हुए पंजाब के राज्यपाल ने राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब श्री हरप्रीत संधू द्वारा पंजाब के प्रचार-प्रसार हेतु उठाए गए इस महत्वपूर्ण प्रयास की सराहना की और कहा कि यह दृश्यात्मक दस्तावेज सांस्कृतिक चेतना के निर्माण, विरासत से जुड़ाव को सुदृढ़ करने तथा वर्ष 2026 के दौरान पंजाब की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब श्री हरप्रीत संधू ने कहा कि उन्होंने पंजाब राज्य के लिए कैलेंडर 2026 का संकलन इस उद्देश्य से किया है कि यह नागरिकों, पर्यटकों और विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने, ताकि वे पंजाब की गौरवशाली विरासत से पुनः जुड़ें तथा प्रकृति और कृषि के साथ इसके संबंध का सम्मान कर सकें।

पंजाब के राज्यपाल के संरक्षण में संकलित इस कैलेंडर का प्रत्येक माह कला, विरासत, कृषि, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक शांति का एक सामंजस्यपूर्ण संगम प्रस्तुत करता है, जिसे प्रभावशाली दृश्यों के माध्यम से दर्शाया गया है और जो पंजाब की आत्मा को परिभाषित करता है। इस कैलेंडर में पंजाब के राज्यपाल का एक सार्थक संदेश भी सम्मिलित है।

उल्लेखनीय है कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (अमृतसर), पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुधियाना) तथा पंजाबी विश्वविद्यालय (पटियाला) के कुलपतियों ने इस कैलेंडर के प्रति अपनी स्वीकृति और समर्थन व्यक्त किया है, जो पंजाब की सांस्कृतिक, प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

चंडीगढ़ में थर्ड विराट कप टेबल टेनिस टूर्नामेंट का सफल समापनचंडीगढ़, 29 दिसंबर 2025: सेक्टर-23 स्थित टेबल टेनिस हॉल, चंड...
29/12/2025

चंडीगढ़ में थर्ड विराट कप टेबल टेनिस टूर्नामेंट का सफल समापन

चंडीगढ़, 29 दिसंबर 2025: सेक्टर-23 स्थित टेबल टेनिस हॉल, चंडीगढ़ में आयोजित थर्ड विराट कप टेबल टेनिस टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस टूर्नामेंट का आयोजन सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी एवं टेबल टेनिस प्रेमी विराट दत्त चौधरी द्वारा किया गया, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में चेयरमैन की भूमिका भी निभाई।

इस टूर्नामेंट में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और पंजाब से आए खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों में आयोजित मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने उच्च स्तर की खेल प्रतिभा, फिटनेस और अनुकरणीय खेल भावना का प्रदर्शन किया।

वेटरन 69+ सिंगल्स वर्ग में गुरप्रीत सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पी.सी. सरदाना उपविजेता रहे। 59+ सिंगल्स वर्ग में मुकेश मिश्रा ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि हरीश कक्कड दूसरे स्थान पर रहे। मेंस सिंगल्स ओपन वर्ग में अंकुश कपूर विजेता बने, जबकि विकास गुलेरिया ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।

वेटरन महिला वर्ग में मेघा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सविता डोभाल उपविजेता रहीं। वूमेन्स सिंगल्स ओपन वर्ग में चेरिश छाबड़ा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि भावनी कालिया दूसरे स्थान पर रहीं।

59+ मेंस डबल्स वर्ग में सुनील मंचंदा और संजय शर्मा की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि जवाहर भंडारी और एम.पी. सिंह दूसरे स्थान पर रहे। वेटरन 69+ डबल्स वर्ग का खिताब सुभाष शर्मा और गुरप्रीत सिंह ने जीता, जबकि पी.सी. सरदाना और अशोक शर्मा उपविजेता रहे।

लकी डबल्स वर्ग में एम.ए. खान और हरीश कक्कड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि डी.के. और दीपक शर्मा दूसरे स्थान पर रहे।

टूर्नामेंट का समापन एक सम्मान समारोह के साथ हुआ, जिसमें विजेताओं को ट्रॉफियां प्रदान की गईं तथा सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर चेयरमैन विराट दत्त चौधरी ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों और सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की सफलता क्षेत्र में वेटरन एवं ओपन श्रेणियों के बीच टेबल टेनिस की बढ़ती लोकप्रियता और इसके निरंतर प्रचार-प्रसार को दर्शाती है।

अक्षय शर्मा की पहल से हल्का उत्तरी 150 बसों के जरिए  12000 श्रद्धालुओं ने टेका फतेहगढ़ साहिब माथाचारों साहिबजादों की लास...
27/12/2025

अक्षय शर्मा की पहल से हल्का उत्तरी 150 बसों के जरिए 12000 श्रद्धालुओं ने टेका फतेहगढ़ साहिब माथा

चारों साहिबजादों की लासानी शहादत को समर्पित फ्री बस सेवा से सांझी वार्ता का संदेश

चंडीगढ़/अमृतसर 27 दिसंबर 2025: श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की लासानी शहादत को समर्पित “सफर-ए-शहादत” के तहत हल्का उत्तरी से सेवादार एवं भाजपा नेता अक्षय शर्मा की ओर से शुरू की गई फ्री बस सेवा ने सांझी वार्ता और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया। सात दिनों तक चले इस सेवा कार्य के दौरान कुल 150 बसों के माध्यम से लगभग 12,000 श्रद्धालुओं ने श्री फतेहगढ़ साहिब पहुंचकर माथा टेका।

इस धार्मिक एवं सामाजिक पहल का समापन आज हुआ, जिसमें अंतिम दिन 40 बसें श्रद्धालुओं को लेकर रवाना की गईं। इस सेवा में जहां बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु शामिल हुए, वहीं हिंदू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और इस पहल के लिए अक्षय शर्मा की सराहना की।

इस अवसर पर अक्षय शर्मा ने कहा कि इस सेवा की शुरुआत उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को सिख इतिहास की महानता से अवगत कराने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए जिस अद्वितीय वीरता और बलिदान का परिचय दिया, उसे केवल याद ही नहीं बल्कि समझना भी जरूरी है।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में इस सफर को सीमित बसों के साथ करने की योजना थी, लेकिन सेवा से जुड़ते हाथों ने इसे विशाल रूप दे दिया। ढिल्लों बस सर्विस और औलख बस सर्विस ने निःशुल्क बसें उपलब्ध कराईं, वहीं शोभित बब्बर ने ईंधन और कई सहयोगियों ने अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।

अक्षय शर्मा ने कहा कि देश-विदेश और पूरी दुनिया में ऐसी लासानी शहादत न पहले कभी हुई है और न ही भविष्य में होगी। उन्होंने उन सभी श्रद्धालुओं और सेवादारों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने गुरु साहिब की पावन धरती फतेहगढ़ साहिब पहुंचकर नतमस्तक होने के साथ-साथ इस छोटे से प्रयास को सफल बनाया।

उन्होंने कहा कि धर्म हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और एक-दूसरे के साथ खड़े होने की सीख देता है। आज पंजाब को पंजाबियत बचाने के लिए आपसी सौहार्द और एकता की आवश्यकता है। सभी धर्म मानवता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सिख, हिंदू मुस्लिम और ईसाई धर्मों के अनुयायियों ने एक साथ अरदास कर परमात्मा के समक्ष नतमस्तक होकर प्रार्थना की कि युवाओं को सही मार्ग दिखाया जाए, उन्हें नशे और बुराइयों से दूर रखकर सेवा, त्याग और भाईचारे की भावना से जोड़ा जाए।

अंत में गतका प्रदर्शन किया गया ओर बोले सो निहाल के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं को फतेहगढ़ साहिब में गुरु साहिब के समक्ष नतमस्तक होने के रवाना किया गया।

सूफी सुरों और बॉलीवुड बीट्स से मनाया गया  क्रिसमस का उत्सवचंडीगढ़ क्लब में ‘कीशा सूफियाना लाइव’ ने रचा यादगार संगीत महोत...
25/12/2025

सूफी सुरों और बॉलीवुड बीट्स से मनाया गया क्रिसमस का उत्सव

चंडीगढ़ क्लब में ‘कीशा सूफियाना लाइव’ ने रचा यादगार संगीत महोत्सव

चंडीगढ़, 25 दिसंबर 2025: क्रिसमस के उत्सव पर चंडीगढ़ क्लब में संगीत और उल्लास की गर्माहट तब महसूस की गई जब क्लब में ‘कीशा सूफियाना लाइव क्रिसमस बैश’ का भव्य आयोजन किया गया। इस खास संगीतमय शाम को दर्शकों का जबरदस्त उत्साह और शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसने कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बना दिया।

स्वतंत्र गायिका कीशा, जो अपनी मधुर आवाज और अद्भुत वोकल वर्सेटिलिटी के लिए जानी जाती हैं, ने अपने सूफी-बॉलीवुड बैंड ‘कीशा सूफियाना’ के साथ पहली बार मंच साझा किया। यह डेब्यू परफॉर्मेंस दर्शकों के दिलों को छू गया। भारत और विदेशों में 200 से अधिक लाइव परफॉर्मेंस का अनुभव रखने वाली कीशा ने इस शाम को अपनी दमदार प्रस्तुति से यादगार बना दिया।

करीब डेढ़ घंटे तक चली इस संगीतमय प्रस्तुति में कीशा ने लगभग 15 सूफी और बॉलीवुड गीतों का शानदार संगम पेश किया। उन्होंने “ये जो हल्का हल्का सुरूर”, “दिल जानी”, “सजदा”, “तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी”, “बीबा सदा दिल मोड़ दे”, “हानियां”, “कमली” और “तेरे बिन नहीं लगदा दिल” जैसे लोकप्रिय गीतों को अपनी खास सूफियाना शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी ऊर्जावान स्टेज प्रेजेंस, आत्मा को छू लेने वाली गायकी और जोशीली अदायगी ने पूरे माहौल को संगीतमय उत्सव में बदल दिया।

इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए, स्टार बिज़ इंडिया ने अपनी 25 वर्षों की सफल यात्रा का जश्न भी मनाया। कार्यक्रम में कलाकार प्रबंधन की ज़िम्मेदारी स्टार बिज़ इंडिया ने निभाई, जबकि आयोजन चंडीगढ़ क्लब द्वारा किया गया और इसे एचडीएफसी बैंक का सहयोग प्राप्त हुआ।

भविष्य की योजनाओं को लेकर उत्साहित कीशा सूफियाना ने संकेत दिया कि वह जल्द ही भारत के विभिन्न शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी संगीत यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। चंडीगढ़ की यह क्रिसमस शाम संगीत प्रेमियों के लिए लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी।

माता-पिता बच्चों के पहले और सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए: डॉ. मोनिका...
24/12/2025

माता-पिता बच्चों के पहले और सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए: डॉ. मोनिका बी. सूद

जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल के वार्षिक समारोह में डॉ. मोनिका बी. सूद ने किया संबोधन

चंडीगढ़, 24 दिसंबर 2025: भाजपा चंडीगढ़ की बौद्धिक प्रकोष्ठ की राज्य संयोजक डॉ. मोनिका बी. सूद ने जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल, सेक्टर-38 के वार्षिक समारोह ‘ये गुलिस्तान हमारा’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। यह कार्यक्रम रानी लक्ष्मीबाई महिला भवन, सेक्टर-38, चंडीगढ़ के सभागार में आयोजित किया गया। नन्हे-नन्हे बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सुंदर चित्रण किया।

डॉ. मोनिका बी. सूद ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और इसके बाद विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित किया।

अभिभावकों को संबोधित करते हुए डॉ. मोनिका बी. सूद ने कहा कि बच्चे कही गई बातों से नहीं, बल्कि माता-पिता के व्यवहार और दैनिक आदतों से सीखते हैं। उन्होंने कहा, “माता-पिता बच्चों के पहले और सबसे प्रभावशाली रोल मॉडल होते हैं, इसलिए उन्हें स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। बच्चे अपने माता-पिता का अनुसरण करते हैं, अतः यदि अभिभावक अपने दैनिक जीवन में नैतिक आचरण अपनाते हैं तो बच्चे भी वही सीखेंगे। अच्छे कर्म बच्चों को संतुलित व्यक्तित्व और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करते हैं।”

उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और टेलीविजन बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में बाधा बनते जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय दें और उनसे संवाद स्थापित करें।

डॉ. मोनिका ने आगे कहा, “भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। देश में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा, आधुनिक शोध सुविधाएं और वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध हैं। इसलिए बच्चों को भारत में ही शिक्षा ग्रहण करने और अपनी प्रतिभा को राष्ट्र के विकास से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इससे देश की बौद्धिक पूंजी मजबूत होगी और आर्थिक संसाधन देश के भीतर ही बने रहेंगे।”

उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं द्वारा संचालित नवाचार, शोध और उद्यमिता आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने की कुंजी हैं।

डॉ. मोनिका बी. सूद ने कार्यक्रम के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जॉयलैंड मॉन्टेसरी स्कूल की सराहना की। उन्होंने देश की एकता का श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल को देते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोया। सरदार पटेल द्वारा रखी गई राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव ने भारत को सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध, एकीकृत और सशक्त राष्ट्र बनाया है।

डॉ. मोनिका ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अद्वितीय होता है। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासु बने रहने, प्रश्न पूछने और सपने देखना कभी न छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गलतियां सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हैं और बच्चों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना चाहिए।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के मिशन पर निकली शायना— शायना मित्तल ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए फंडरे...
21/12/2025

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के मिशन पर निकली शायना

— शायना मित्तल ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए फंडरेजर आयोजित किया

चंडीगढ़, 21 दिसंबर 2025: पूर्व कार्मेलाइट और शहर की 18 वर्षीय निवासी शायना मित्तल ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे युवाओं की मदद के लिए एक सशक्त मिशन की शुरुआत की है। यह पहल अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उनके अपने अनुभवों से प्रेरित है, जहां उन्होंने अकेलेपन और घबराहट जैसी स्थितियों को झेला और अंततः चंडीगढ़ लौटने का निर्णय लिया। चंडीगढ़ लौटकर उन्होंने अपनी ऊर्जा उद्यमिता की दिशा में लगाई और मात्र 18 वर्ष की आयु में इवेंट मैनेजमेंट कंपनी रेवेलिक इवेंट्स की स्थापना की।

उद्यमिता की इस यात्रा के साथ-साथ शायना के मन में हमेशा मानसिक स्वास्थ्य पर संवाद शुरू करने और किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहे युवाओं की सहायता करने की इच्छा रही है। इसी उद्देश्य के प्रति उनके जुनून ने उन्हें मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए एक अनूठा क्रिसमस फंडरेजर आयोजित करने का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।

शायना ने कहा, “मैंने वत्सल छाया ट्रस्ट के सहयोग से एक क्रिसमस फंडरेजर का आयोजन किया है। वत्सल छाया एक प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठन है, जो वंचित बच्चों और महिलाओं के लिए कार्य करता है। ‘सकुशल’ नामक इस पहल के तहत , कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के लिए धन एकत्र किया जाएगा। संचालन संबंधी खर्चों के बाद शेष राशि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के समर्थन हेतु वत्सल छाया ट्रस्ट को दान की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा, “वर्षभर चलने वाले ‘सकुशल प्रोजेक्ट' के अंतर्गत मैं वत्सल छाया ट्रस्ट की संस्थापक संगीता वर्धन जी के साथ मिलकर पॉडकास्ट, वेबिनार और जागरूकता सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित करूंगी। ये सत्र स्कूलों और कॉलेजों में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आज के युवाओं से जुड़े विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।”

शायना ने बताया कि आज के युवा अत्यधिक रूप से सोशल मीडिया के संपर्क में हैं और एक तेज रफ्तार जीवनशैली में जी रहे हैं, जहां त्वरित संतुष्टि सामान्य बात बन गई है। ऐसे में संघर्ष और सहनशीलता का तत्व अक्सर पीछे छूट जाते हैं , इस स्थिति के उत्पन्न होने का एक कारण अनजाने में माता-पिता द्वारा तैयार किया गया अत्यधिक आरामदायक माहौल भी है।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “आज के युवाओं पर हर समय परफेक्ट दिखने, तुरंत सफलता पाने और कभी असफल न होने का दबाव रहता है। मैं स्वयं उस दबाव से गुज़री हूं और मैं युवाओं को बताना चाहती हूं कि संघर्ष करना ठीक है और अपनी तेज़ रफ्तार से दौढ़ती ज़िन्दगी को थोड़ा धीमा करना भी ठीक है। मेरी यात्रा ने मुझे सिखाया है कि साहस का अर्थ भय का न होना नहीं, बल्कि भय के बावजूद आगे बढ़ने का निर्णय लेना है।”

युवा उद्यमी शायना ने अपने इवेंट प्लानिंग के अनुभव का उपयोग करते हुए इस फंडरेजर को साकार किया, जिसमें भोजन, लाइफस्टाइल ब्रांड्स तथा आवश्यक उत्पादों और सेवाओं से जुड़े कुल 10 विविध स्टॉल लगाए गए। शायना ने कहा, “यह प्रदर्शनी केवल एक सामुदायिक अनुभव ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर सार्थक संवाद शुरू करने का एक मंच भी है।”

कार्यक्रम में विभिन्न बैंड्स द्वारा लाइव संगीत प्रस्तुतियां दी गई, जिससे आयोजन में विशेष ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। इसके अलावा, लोकप्रिय डीजे के साथ एक जोशीली सोशल नाइट भी आयोजित की गई, ताकि समुदाय की सहभागिता बढ़े और लोग इस पहल के समर्थन में एकजुट हो सकें।

इस फंडरेजर को कॉर्पोरेट जगत से भी प्रोत्साहन मिला। रियल एस्टेट संगठन वीआरएस, अल्केमिस्ट हॉस्पिटल, कंधारी बेवरेजेज, निक बेकर्स और क्राफ्ट्सी ने इस नेक उद्देश्य के लिए सहयोग प्रदान किया।

स्मॉल वंडर्स स्कूल ने एनुअल म्यूज़िकल मंचकिन्स का किया आयोजनमोहाली 20 दिसंबर 2025: संगीत, भावनाओं और नन्हे कलाकारों के उ...
20/12/2025

स्मॉल वंडर्स स्कूल ने एनुअल म्यूज़िकल मंचकिन्स का किया आयोजन

मोहाली 20 दिसंबर 2025: संगीत, भावनाओं और नन्हे कलाकारों के उत्साह से मंच उस समय गूंज उठा, जब स्मॉल वंडर्स स्कूल ने एनुअल म्यूज़िकल मंचकिन्स 2025–26 का सफल आयोजन किया। ‘रेज़िलिएंट रिदम्स – ए ट्रिब्यूट टू द गोल्डन वॉइसेज़’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम स्कूल के ओपन एयर थिएटर में आयोजित किया गया।

इस विशेष रूप से सजे संगीत समारोह में उन महान गायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनकी आवाज़ों ने पीढ़ी दर पीढ़ी को प्रभावित किया है और जिनका जीवन साहस, संघर्ष और संगीत के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक रहा है। नन्हे वंडराइट्स ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से न केवल अमर गीतों को सम्मान दिया, बल्कि उन कलाकारों के अदृश्य संघर्षों को भी मंच पर जीवंत किया, जो अक्सर दुनिया की नज़रों से ओझल रह जाते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना एवं स्वागत गीत से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। रेज़िलिएंट रिदम्स की कर्टन रेज़र प्रस्तुति ने कार्यक्रम की मूल भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। एलकेजी और यूकेजी के नन्हे विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच संभाला और सेलेना गोमेज़, अलका याज्ञिक और सेलीन डियोन जैसी विश्वविख्यात हस्तियों को समर्पित प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में स्मॉल वंडर्स के विद्यार्थियों की विशेष प्रस्तुतियां, डांस ग्रुप्स द्वारा प्रस्तुत ‘डांस ऑफ होप’, तथा क्रिसमस की खुशियों से भरी प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया और नए वर्ष के स्वागत का उल्लासपूर्ण संदेश दिया।

स्मॉल वंडर्स स्कूल की प्रिंसीपल हरदीप के. नामा ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के मंच बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति को सशक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि संगीत और कला बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वे अच्छे स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और चुनौतियों के बीच भी प्रेरित रहने की दिशा में निरंतर और सशक्त कदम उठाने में विश्वास रखती हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संवेदनशीलता, करुणा और दृढ़ता जैसे मूल्यों का विकास करते हैं।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। म्यूज़िकल मंचकिन्स संगीत, संवेदना और नन्हे कलाकारों की प्रतिभा का एक यादगार उत्सव बनकर उभरा, जिसमें छोटी-छोटी आवाज़ों ने गहरे और प्रेरणादायक संदेश दिए।

सेक्टर-43 में सरकारी मेडिकल डिस्पेंसरी की स्थापना को लेकर पार्षद प्रेमलता ,सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी डिप्टी मेय...
19/12/2025

सेक्टर-43 में सरकारी मेडिकल डिस्पेंसरी की स्थापना को लेकर पार्षद प्रेमलता ,सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी डिप्टी मेयर तरुण मेहता के प्रयास तेज

चंडीगढ़।
सेक्टर-43 में सरकारी मेडिकल डिस्पेंसरी की शीघ्र स्थापना को लेकर वार्ड संख्या 23 की एरिया पार्षद प्रेमलता ने स्वास्थ्य निदेशक सौरव कुमार अरोड़ा तथा संयुक्त आयुक्त ईशा कंबोज से मुलाकात की। इस पहल को सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त है।

मुलाकात के दौरान पार्षद प्रेमलता ने अधिकारियों को बताया कि सेक्टर-43 व आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर-दराज जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र में एक सरकारी मेडिकल डिस्पेंसरी की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।

सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी ने गांव इटावा की डिस्पेंसरी में डे केयर के लिए बेड एवं सभी प्रकार के टेस्ट करवाने के लिए लैबोरेटरी खोलने के लिए अवन डिस्पेंसरी को अपग्रेडेशन करने के लिए अनुरोध किया एवम् आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि सेक्टर-43 में मेडिकल डिस्पेंसरी की स्थापना के प्रस्ताव को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

स्वास्थ्य निदेशक सौरव कुमार अरोड़ा एवं संयुक्त आयुक्त ईशा कंबोज ने आश्वासन दिया कि मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी।

'आत्म बोध से विश्व बोध' विचार विमर्श के साथ हुआ कुसुम धीमान की पुस्तक 'विचारमंजरी' का विमोचन- अखिल भारतीय साहित्य परिषद्...
08/12/2025

'आत्म बोध से विश्व बोध' विचार विमर्श के साथ हुआ कुसुम धीमान की पुस्तक 'विचारमंजरी' का विमोचन-

अखिल भारतीय साहित्य परिषद् इकाई पंचकूला एवं टी.एस. सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वावधान में सेक्टर 17 लाइब्रेरी सभागार में 'आत्म बोध से विश्व बोध' विषय पर विचार गोष्ठी एवं कुसुम धीमान द्वारा लिखित छंद संग्रह 'विचारमंजरी' का विमोचन समारोह आयोजित किया गया जिसमें हरियाणा साहित्य एवं संस्कृत अकादमी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। भिवानी से पधारे संस्था के हरियाणा प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनोज भारत का वक्तव्य आत्मबोध से विश्व बोध तक विशेष सराहनीय रहा। इस शुभ अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. संतोष गर्ग, पंजाब प्रांत अध्यक्ष प्रो. सुनील शर्मा, नाडा साहब मंडल महामंत्री व समाजसेविका श्रीमती पुष्पा सिंगरोहा एवं संवाद साहित्य मंच अध्यक्ष प्रेम विज विशिष्ठ अतिथि के रूप में शामिल रहे। उपरोक्त के अतिरिक्त इकाई मार्गदर्शक सुनीता नैन एवं राजवीर सिंह 'राज' भी विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
इकाई महासचिव अनिल 'चिंतक' ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। पंचकूला इकाई अध्यक्ष डॉ विनोद शर्मा के अतिथि- सम्मान उपरांत, दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही सृजन संस्था अध्यक्ष सोमेश गुप्ता ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कुसुम धीमान 'कलिका' द्वारा रचित काव्य संग्रह 'विचारमंजरी' का अतिथियों द्वारा विमोचन- उपरांत सारगर्भित समीक्षा अन्नुरानी शर्मा, इकाई उपाध्यक्ष नीरू मित्तल, किदार अदबी ट्रस्ट संयोजक गणेश दत्त बजाज एवं बिलासा महालय से अदिति अत्रे द्वारा प्रस्तुत की गई।

भिवानी से पधारे डॉ. मनोज भारत ने समाज में निरंतर फैलती हुई पाश्चात्य सभ्यता पर चिंता व्यक्त करते हुए, लुप्त होती विवाह प्रथा व तेजी से पाँव पसारती लीव इन रिलेशनशिप प्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संस्कृति को क्षति पहुंचाते टूटते परिवार, कुटुंब की परंपरा पर कुठाराघात करते हैं। इन सभी विषयों पर हमें लेखनी चलाकर समाज को जागृत करने की ओर ध्यान देना चाहिए ताकि हम आत्म बोध से विश्व बोध की तरफ बढ़ सकें।

पंजाब से पधारे प्रोफेसर सुनील ने कहा कि आज के परिवेश में परिषद् जैसी संस्था और संस्कृति को संरक्षण प्रदान करने वाले विषयों का प्रचार प्रसार नितांत आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि संतोष गर्ग ने पुस्तक लेखिका कुसुम धीमान के सकारात्मक व्यक्तित्व की भूरि- भूरि प्रशंसा करते हुए केंद्रीय विषय पर अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि डॉ कुलदीप अग्निहोत्री जी ने अपने संबोधन में छंदबद्ध लेखन की सराहना करते हुए सभी को छंद लेखन के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि आज के समाज का पश्चिम संस्कृति के प्रति आकर्षण बेहद चिंताजनक है लेकिन आप जैसे साहित्यकार यदि अपने दायित्व का निर्वहन निरंतरता से करते रहेंगे तो हम अपने लक्ष्य में सफलता पा सकते हैं और अपनी सभ्यता एवं संस्कृति का संरक्षण भी अवश्य कर पाएंगे।

पुस्तक लेखिका कुसुम धीमान ने अपनी लेखन यात्रा के सभी सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि अपने बेटे अभिनव एवं पुत्रवधु पूजा का आभार प्रकट किया जिन्होंने उनको पुस्तक लेखन के लिए प्रेरित किया। साथ ही शुभकामना सन्देश देने वाले सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया।
अंत में इकाई अध्यक्ष डॉ. विनोद शर्मा ने टी एस सेंट्रल लाइब्रेरी के आयोजन कर्ताओं, अतिथियों एवं श्रोताओं का धन्यवाद करते हुए आभार व्यक्त किया।
उपरोक्त के साथ ही मधु धीमान, डॉ. रेखा मित्तल, एम.एल.अरोड़ा, अनिल शाश्वत व किरन शाश्वत, रेणु अब्बी, सरोज व सुशील चोपड़ा, डॉ. संगीता कुंद्रा, सोहन रावत, किरण चौधरी, पुष्पा हंस, संगीता पुखराज, धर्मपाल मठारू,अभिनव व पूजा मठारू, सुनीता व सुधीर गोयल, उषा धीमान, आर. पीताम्बरी, सुषमा जोशी, गरिमा गर्ग, निहाल, सुरेंद्र वर्मा, सीमा शर्मा, श्याम सुंदर, जय प्रकाश, अमित कुमार, पूनम अरोड़ा, श्रुति कुमार, रितिशा, कीर्ति शर्मा, हरिओम शर्मा, कमला रानी, देवांश, उषा, प्रीति एवं कवलजीत सिंह विशेष रूप में उपस्थित रहे।
द्वारा:-
अनिल शर्मा चिंतक, महासचिव अखिल भारतीय साहित्य परिषद पंचकूला इकाई

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