Adhyaatma Jagat

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2.
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📖 Verse-by-verse explanations of Shrimad Bhagwat Mahapuran
📜 Full recitations of Durga Saptashati, Bhagavad Gita & Stotras
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अध्यात्म जगत् में आपका स्वागत है।
1. इस चैनल पर श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रत्येक श्लोक की सम्पूर्ण व्याख्या उपलब्ध करायी जायेगी।
2. श्रीदुर्गासप्तशती, श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत महापुराण, विभिन्न स्तोत्र आदि के श्लोकों का सम्पूर्ण पारायण।
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19/01/2026

🌺 Class 134 | Durga Saptashati Path | ऋग्वेदोक्त देवीसूक्त | पदच्छेद–भावार्थ सहित |
ऋग्वेदोक्त देवीसूक्त वैदिक साहित्य का अत्यन्त उच्च, दार्शनिक और तत्त्वबोधक सूक्त है,
जिसमें देवी स्वयं को सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान और सम्पूर्ण जगत् की अधिष्ठात्री सत्ता के रूप में प्रकट करती हैं।

इस सूक्त में देवी यह उद्घोष करती हैं कि—
वे ही ब्रह्मा, रुद्र, इन्द्र तथा समस्त देवताओं में स्थित शक्ति हैं, वे ही भोग और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं,
और समस्त सृष्टि, स्थिति एवं लय उन्हीं के अधीन है।

यह पाठ साधक को देवी-तत्त्व का प्रत्यक्ष बोध,
अहंकार-नाश, भय-शमन तथा आत्मबल और वैराग्य की ओर अग्रसर करता है।

⚜️ मुख्य प्रसंग (Highlights)
🔹 देवी का स्वयं को सर्वव्यापक एवं जगत्-अधिष्ठात्री शक्ति के रूप में उद्घोष
🔹 समस्त देवताओं, प्राणियों और शक्तियों में देवी-शक्ति का एकत्व
🔹 देवी द्वारा भोग, ऐश्वर्य, रक्षा और मोक्ष प्रदान करने की सामर्थ्य
🔹 श्रद्धा से की गई देवी-स्तुति द्वारा भय, क्लेश और शत्रुओं का नाश
🔹 देवी को सृष्टि-स्थिति-लय की मूल कारण शक्ति के रूप में स्वीकार

🌸 देवीसूक्त पाठ का फल
✔ देवी-तत्त्व का वैदिक बोध
✔ भय, दारिद्र्य और मानसिक क्लेश का शमन
✔ आत्मबल, श्रद्धा और वैराग्य की वृद्धि
✔ आध्यात्मिक तेज एवं साधना में दृढ़ता
✔ देवी कृपा से लौकिक-पारलौकिक कल्याण

🎧 पाठ विवरण
📚 ग्रंथ: Durga Saptashati / ऋग्वेद
📿 सूक्त: ऋग्वेदोक्त देवीसूक्तम्
🕉️ विधि: पदच्छेद – अन्वय – हिन्दी भावार्थ सहित
🎙️ उच्चारण एवं व्याख्या: Dr. Akhilesh Kumar Mishra
📺 प्रस्तुति: Adhyaatma Jagat

19/01/2026

Class 438 | Shrimad Bhagwat Mahapuran | S-5 A-3 | पारायण प्रशिक्षण | पदच्छेद-अन्वय भावार्थ सहित | https://youtube.com/live/owidmV0NQYM श्रीमद्भागवत महापुराण के यथार्थ ज्ञान की यात्रा में आपका स्वागत है। यह Class 438 एक गहन पारायण प्रशिक्षण कक्षा है, जहाँ हम पञ्चम स्कन्ध (S-5) के तृतीय अध्याय (A-3) का शब्द-दर-शब्द शास्त्रीय अध्ययन करेंगे।

इस अध्याय में —
(राजा नाभि का चरित्र) —
का शास्त्रसम्मत एवं मूल ग्रन्थानुसार विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है|

✨ इस प्रशिक्षण सत्र की विशेषताएं:
🔹 शुद्ध मूल पाठ: श्लोकों का स्पष्ट एवं शास्त्रोक्त उच्चारण।
🔹 पदच्छेद: प्रत्येक पद का व्याकरण सम्मत विच्छेद।
🔹 अन्वय: संस्कृत वाक्यों का भावपूर्ण एवं तर्कसंगत क्रम।
🔹 भावार्थ: सरल, स्पष्ट एवं शास्त्रसम्मत हिन्दी व्याख्या।
🔹 साधनात्मक संकेत: अध्याय के प्रसंगानुसार भाव, तत्त्व और साधना सूत्र।

🪷 नियमित श्रवण एवं पारायण से —
✔ भक्ति का जागरण
✔ विवेक, वैराग्य एवं ज्ञान की वृद्धि
✔ चित्त की शुद्धि एवं मानसिक शान्ति
✔ जीवन में दिव्यता और स्थिरता

🕰 कक्षा विवरण
📌 समय : प्रतिदिन रात्रि 09:00 – 10:00 बजे
🎙 प्रशिक्षक : डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र
📺 Live on : YouTube & Facebook — Adhyaatma Jagat
🔗 Full Playlist: [https://www.youtube.com/playlist?list=PLDVhuhFM89IDAi3Y9Fhhtwv8XKOCxEchg]

🪔 नियमित श्रवण एवं पारायण से भक्ति, विवेक, वैराग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। जय श्रीकृष्ण!

19/01/2026

Class 148 Sanskrit Bhasha Shikshan । संस्कृत भाषा शिक्षण । द्वितीया दीक्षा । व्यवहारप्रदीपः ।
spoken sanskrit classes ।
sanskrit kaise sikhe ।
sanskrit bhasha kaise sikhe ।
sanskrit kaise padhe ।
Sanskrit Language Course ।
Sanskrit Language Teaching ।
sanskrit padhna sikhe ।
Sanskrit Bhasha Shikshanam ।
learn sanskrit for beginners in hindi ।
sanskrit me kaise bole ।
Learn Sanskrit ।
Introduction to Sanskrit Conversation ।
संस्कृत शिक्षण ।
संस्कृत भाषा सीखें ।
संस्कृत अध्ययन । संस्कृत भाषण ।
प्रशिक्षक डॉ.अखिलेश कुमार मिश्र

नमस्तेसंस्कृतभाषाशिक्षण की जो पुस्तकें संस्थान द्वारा प्रकाशित हैं प्रथमा दीक्षा इत्यादि अब उन्हें भारतीय डाक के द्वारा ...
19/01/2026

नमस्ते
संस्कृतभाषाशिक्षण की जो पुस्तकें संस्थान द्वारा प्रकाशित हैं प्रथमा दीक्षा इत्यादि अब उन्हें भारतीय डाक के द्वारा मँगाया जा सकता है। मूल्य 630 है, 40% डिस्काउन्ट उपलब्ध है, डाक व्यय अतिरिक्त देय होगा। यदि आप लोग पुस्तक प्राप्त करना चाहते है तो सूचित करें।

19/01/2026

Class 50 | Durga Saptashati | पारायण प्रशिक्षण | Adhyay 2। पदच्छेद–अन्वय–हिन्दी भावार्थ | https://youtube.com/live/DcZMBQTG-zs दुर्गा सप्तशती के द्वितीय अध्याय में देवताओं के तेज से महादेवी के दिव्य प्रादुर्भाव का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया गया है। जब महिषासुर के अत्याचारों से त्रिलोक व्याकुल हो जाता है, तब देवताओं का संयुक्त तेज एक दिव्य शक्ति का रूप धारण करता है — वही शक्ति महादेवी दुर्गा के रूप में प्रकट होती है।

इस अध्याय में
देवी का युद्धरूप में प्रकट होना,
महिषासुर की विशाल सेना का संहार,
असुरों में भय और देवताओं में आशा का संचार,
तथा देवी-शक्ति द्वारा धर्म-रक्षा का प्रारम्भ
विस्तारपूर्वक वर्णित है।

यह अध्याय शक्ति-तत्त्व, सामूहिक तेज, और देवी के अवतरण-सिद्धांत को स्पष्ट करता है तथा आगे होने वाले महिषासुर-वध की भूमिका निर्मित करता है।

✨ द्वितीय अध्याय के प्रमुख फल
🔹 देवी-शक्ति के स्वरूप का साक्षात्कार
🔹 भय और नकारात्मक शक्तियों का क्षय
🔹 साधक में साहस, श्रद्धा और विश्वास
🔹 धर्म के पक्ष में खड़े होने की प्रेरणा
🔹 देवी-कृपा का अनुभव

🎧 पाठ विवरण
📚 ग्रंथ: Durga Saptashati (Devi Mahatmyam)
📖 अध्याय: द्वितीय अध्याय — Devi Pradurbhava & Asura Sena Vadha
🕉️ विधि: पदच्छेद – अन्वय – हिन्दी भावार्थ सहित
🎙️ प्रशिक्षक: Dr. Akhilesh Kumar Mishra
📺 प्रस्तुति: Adhyaatma Jagat

🌸 यह कक्षा दुर्गा सप्तशती के युद्ध-प्रसंगों और देवी-तत्त्व को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

19/01/2026

Class 10 | Shree Satyanarayan Vrat Katha पारायण प्रशिक्षण | Adhyay 4 | पदच्छेद–भावार्थ सहित | https://youtube.com/live/4oLbHeki4GI इस एक-घंटे की पवित्र Daily Live Class में श्रीसत्यनारायण व्रतकथा के तृतीय अध्याय का शुद्ध मूल पाठ, पदच्छेद तथा सरल, शास्त्रसम्मत हिन्दी भावार्थ सहित पारायण-प्रशिक्षण कराया जा रहा है।

यह विशेष पारायण-प्रशिक्षण श्रृंखला श्रद्धालुओं को व्रत, कथा और साधना को शास्त्रसम्मत विधि से समझने और करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करती है।

🕉️ आज की कक्षा में सम्मिलित —
🔹 शुद्ध मूल पाठ एवं परंपरागत उच्चारण
🔹 प्रत्येक श्लोक का पदच्छेद
🔹 सरल एवं प्रामाणिक हिन्दी भावार्थ
🔹 अध्यायानुसार कथा-भाव, तत्त्व एवं साधनात्मक संकेत
🔹 व्रत-पारायण हेतु शुद्ध एवं शांत वातावरण

📌 यह Live Series विशेष रूप से उपयोगी है —
— सत्यनारायण व्रत करने वाले श्रद्धालुओं हेतु
— शुद्ध पाठ एवं सही विधि सीखने वालों हेतु
— पारिवारिक व सामूहिक व्रत-आयोजन हेतु
— श्रद्धा, भक्ति एवं मन-शुद्धि चाहने वालों हेतु

🎙️ Voice: Dr. Akhilesh Kumar Mishra
🔔 नियमित Live Classes एवं संपूर्ण Training Series हेतु Subscribe करें — Adhyaatma Jagat

✨ श्रद्धा एवं विधिपूर्वक किया गया सत्यनारायण व्रत जीवन में शांति, सौभाग्य और संतोष प्रदान करता है।

19/01/2026

Class 41 | Shrimad Bhagavad Geeta । पारायण प्रशिक्षण | Adhyay 11 | पदच्छेद–अन्वय–भावार्थ सहित | https://youtube.com/live/ebR4cp5cZIM इस एक-घंटे की पवित्र Daily Live Class में श्रीमद्भगवद्गीता के एकादश अध्याय — विश्वरूपदर्शनयोग का परंपरागत शुद्ध उच्चारण, पदच्छेद–अन्वय तथा सरल, गूढ़ एवं सारगर्भित हिन्दी भावार्थ सहित पारायण-प्रशिक्षण कराया जा रहा है।

यह अध्याय गीता का अत्यंत दिव्य और विस्मयकारी अध्याय है, जिसमें अर्जुन को भगवान् श्रीकृष्ण का सर्वव्यापी, अनंत और विराट विश्वरूप दर्शन प्राप्त होता है।

यह विशेष पारायण-प्रशिक्षण श्रृंखला प्रतिदिन 1 घंटे की नियमित कक्षाओं में
गीता के समस्त 18 अध्यायों का सुगम, व्यवस्थित एवं साधना-प्रधान अध्ययन कराती है।

🕉️ आज की कक्षा में वर्णित विषय — विश्वरूपदर्शनयोग (Adhyay 11)
🔹 अर्जुन की प्रार्थना एवं जिज्ञासा
🔹 भगवान् का विराट विश्वरूप
🔹 विश्वरूप-दर्शन एवं अर्जुन की स्तुति
🔹 भय, कृपा और चतुर्भुज रूप का दर्शन
🔹 विश्वरूप-दर्शन की दिव्य महिमा

📌 यह Live Series विशेष रूप से उपयोगी है —
— गीता का नियमित पाठ करने वाले साधकों हेतु
— शुद्ध संस्कृत श्लोक-उच्चारण सीखने वालों हेतु
— ईश्वर की सर्वव्यापकता और ऐश्वर्य को अनुभव करना चाहने वालों हेतु
— भक्ति, श्रद्धा और विस्मयभाव को गहराई से समझने वालों हेतु
— आत्मबोध, वैराग्य और परम सत्य की खोज करने वालों हेतु

🎧 प्रशिक्षक: डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र
🔔 नियमित Live Classes एवं संपूर्ण Training Series हेतु Subscribe करें — Adhyaatma Jagat

✨ विश्वरूपदर्शनयोग साधक के भीतर भक्ति, भय-मुक्त श्रद्धा और परम सत्य के प्रति पूर्ण समर्पण उत्पन्न करता है।










18/01/2026

Class 6 | Sanskrit Bhasha Shikshan । संस्कृत भाषा शिक्षण । प्रथमा दीक्षा । CSU PS-1 Spoken Sanskrit | नमस्ते 🙏
यह पाठ्यक्रम **केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU)** के
📘 *प्राक्शास्त्री – प्रथम एवं द्वितीय वर्ष* में निर्धारित
**संस्कृत भाषा शिक्षण (Sanskrit Bhasha Shikshan)** विषय पर आधारित है।

यह वही पाठ्यक्रम है जिसे
🕉️ **मुक्त स्वाध्याय पीठ** के माध्यम से
प्रति वर्ष लगभग **1,00,000 से अधिक सामान्य जन**
अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केन्द्रों द्वारा अध्ययन करते हैं।

📚 पाठ्यक्रम का स्वरूप:
✔ प्रथमा दीक्षा – वाक्यव्यवहारः
✔ व्यवहारप्रदीपः के माध्यम से संस्कृत वाक्य-रचना
✔ Spoken Sanskrit (Conversation Based Learning)
✔ Beginners से Advanced की ओर क्रमबद्ध अध्ययन

🎯 यह कोर्स विशेष रूप से उपयोगी है:
• CSU / Praakshastri Students
• Sanskrit Language Course खोजने वालों के लिए
• Spoken Sanskrit Classes चाहने वाले शिक्षार्थियों के लिए
• जो पूछते हैं – *संस्कृत कैसे सीखें?*

🧑‍🏫 प्रशिक्षक:
**डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र**
(अनुभवी संस्कृत आचार्य एवं प्रशिक्षक)

📺 Live Classes – YouTube & Facebook (Akhileshoham)

18/01/2026

Class 49 | Durga Saptashati | पारायण प्रशिक्षण | Adhyay 2। पदच्छेद–अन्वय–हिन्दी भावार्थ | https://youtube.com/live/DVUx2krGNDI दुर्गा सप्तशती के द्वितीय अध्याय में देवताओं के तेज से महादेवी के दिव्य प्रादुर्भाव का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया गया है। जब महिषासुर के अत्याचारों से त्रिलोक व्याकुल हो जाता है, तब देवताओं का संयुक्त तेज एक दिव्य शक्ति का रूप धारण करता है — वही शक्ति महादेवी दुर्गा के रूप में प्रकट होती है।

इस अध्याय में
देवी का युद्धरूप में प्रकट होना,
महिषासुर की विशाल सेना का संहार,
असुरों में भय और देवताओं में आशा का संचार,
तथा देवी-शक्ति द्वारा धर्म-रक्षा का प्रारम्भ
विस्तारपूर्वक वर्णित है।

यह अध्याय शक्ति-तत्त्व, सामूहिक तेज, और देवी के अवतरण-सिद्धांत को स्पष्ट करता है तथा आगे होने वाले महिषासुर-वध की भूमिका निर्मित करता है।

✨ द्वितीय अध्याय के प्रमुख फल
🔹 देवी-शक्ति के स्वरूप का साक्षात्कार
🔹 भय और नकारात्मक शक्तियों का क्षय
🔹 साधक में साहस, श्रद्धा और विश्वास
🔹 धर्म के पक्ष में खड़े होने की प्रेरणा
🔹 देवी-कृपा का अनुभव

🎧 पाठ विवरण
📚 ग्रंथ: Durga Saptashati (Devi Mahatmyam)
📖 अध्याय: द्वितीय अध्याय — Devi Pradurbhava & Asura Sena Vadha
🕉️ विधि: पदच्छेद – अन्वय – हिन्दी भावार्थ सहित
🎙️ प्रशिक्षक: Dr. Akhilesh Kumar Mishra
📺 प्रस्तुति: Adhyaatma Jagat

🌸 यह कक्षा दुर्गा सप्तशती के युद्ध-प्रसंगों और देवी-तत्त्व को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

18/01/2026

Class 5 | Sanskrit Bhasha Shikshan । संस्कृत भाषा शिक्षण । प्रथमा दीक्षा । CSU PS-1 Spoken | यह पाठ्यक्रम **केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU)** के
📘 *प्राक्शास्त्री – प्रथम एवं द्वितीय वर्ष* में निर्धारित
**संस्कृत भाषा शिक्षण (Sanskrit Bhasha Shikshan)** विषय पर आधारित है।

यह वही पाठ्यक्रम है जिसे
🕉️ **मुक्त स्वाध्याय पीठ** के माध्यम से
प्रति वर्ष लगभग **1,00,000 से अधिक सामान्य जन**
अनौपचारिक संस्कृत शिक्षण केन्द्रों द्वारा अध्ययन करते हैं।

📚 पाठ्यक्रम का स्वरूप:
✔ प्रथमा दीक्षा – वाक्यव्यवहारः
✔ व्यवहारप्रदीपः के माध्यम से संस्कृत वाक्य-रचना
✔ Spoken Sanskrit (Conversation Based Learning)
✔ Beginners से Advanced की ओर क्रमबद्ध अध्ययन

🎯 यह कोर्स विशेष रूप से उपयोगी है:
• CSU / Praakshastri Students
• Sanskrit Language Course खोजने वालों के लिए
• Spoken Sanskrit Classes चाहने वाले शिक्षार्थियों के लिए
• जो पूछते हैं – *संस्कृत कैसे सीखें?*

🧑‍🏫 प्रशिक्षक:
**डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र**
(अनुभवी संस्कृत आचार्य एवं प्रशिक्षक)

📺 Live Classes – YouTube & Facebook (Akhileshoham)

17/01/2026

🌺 Class 133 | Durga Saptashati Path | ऋग्वेदोक्त देवीसूक्त | पदच्छेद–भावार्थ सहित | https://youtube.com/live/v8QLzZjakZQ 🌺 ऋग्वेदोक्त देवीसूक्त वैदिक साहित्य का अत्यन्त उच्च, दार्शनिक और तत्त्वबोधक सूक्त है,
जिसमें देवी स्वयं को सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान और सम्पूर्ण जगत् की अधिष्ठात्री सत्ता के रूप में प्रकट करती हैं।

इस सूक्त में देवी यह उद्घोष करती हैं कि—
वे ही ब्रह्मा, रुद्र, इन्द्र तथा समस्त देवताओं में स्थित शक्ति हैं, वे ही भोग और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं,
और समस्त सृष्टि, स्थिति एवं लय उन्हीं के अधीन है।

यह पाठ साधक को देवी-तत्त्व का प्रत्यक्ष बोध,
अहंकार-नाश, भय-शमन तथा आत्मबल और वैराग्य की ओर अग्रसर करता है।

⚜️ मुख्य प्रसंग (Highlights)
🔹 देवी का स्वयं को सर्वव्यापक एवं जगत्-अधिष्ठात्री शक्ति के रूप में उद्घोष
🔹 समस्त देवताओं, प्राणियों और शक्तियों में देवी-शक्ति का एकत्व
🔹 देवी द्वारा भोग, ऐश्वर्य, रक्षा और मोक्ष प्रदान करने की सामर्थ्य
🔹 श्रद्धा से की गई देवी-स्तुति द्वारा भय, क्लेश और शत्रुओं का नाश
🔹 देवी को सृष्टि-स्थिति-लय की मूल कारण शक्ति के रूप में स्वीकार

🌸 देवीसूक्त पाठ का फल
✔ देवी-तत्त्व का वैदिक बोध
✔ भय, दारिद्र्य और मानसिक क्लेश का शमन
✔ आत्मबल, श्रद्धा और वैराग्य की वृद्धि
✔ आध्यात्मिक तेज एवं साधना में दृढ़ता
✔ देवी कृपा से लौकिक-पारलौकिक कल्याण

🎧 पाठ विवरण
📚 ग्रंथ: Durga Saptashati / ऋग्वेद
📿 सूक्त: ऋग्वेदोक्त देवीसूक्तम्
🕉️ विधि: पदच्छेद – अन्वय – हिन्दी भावार्थ सहित
🎙️ उच्चारण एवं व्याख्या: Dr. Akhilesh Kumar Mishra
📺 प्रस्तुति: Adhyaatma Jagat

17/01/2026

Class 437 | Shrimad Bhagwat Mahapuran | S-5 A-2 | पारायण प्रशिक्षण | पदच्छेद-अन्वय भावार्थ सहित | https://youtube.com/live/Q0Fa2exaVdc श्रीमद्भागवत महापुराण के यथार्थ ज्ञान की यात्रा में आपका स्वागत है। यह Class 437 एक गहन पारायण प्रशिक्षण कक्षा है, जहाँ हम पञ्चम स्कन्ध (S-5) के द्वितीय अध्याय (A-2) का शब्द-दर-शब्द शास्त्रीय अध्ययन करेंगे।

इस अध्याय में —
(आग्नीध्र-चरित्र) —
का शास्त्रसम्मत एवं मूल ग्रन्थानुसार विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है|

✨ इस प्रशिक्षण सत्र की विशेषताएं:
🔹 शुद्ध मूल पाठ: श्लोकों का स्पष्ट एवं शास्त्रोक्त उच्चारण।
🔹 पदच्छेद: प्रत्येक पद का व्याकरण सम्मत विच्छेद।
🔹 अन्वय: संस्कृत वाक्यों का भावपूर्ण एवं तर्कसंगत क्रम।
🔹 भावार्थ: सरल, स्पष्ट एवं शास्त्रसम्मत हिन्दी व्याख्या।
🔹 साधनात्मक संकेत: अध्याय के प्रसंगानुसार भाव, तत्त्व और साधना सूत्र।

🪷 नियमित श्रवण एवं पारायण से —
✔ भक्ति का जागरण
✔ विवेक, वैराग्य एवं ज्ञान की वृद्धि
✔ चित्त की शुद्धि एवं मानसिक शान्ति
✔ जीवन में दिव्यता और स्थिरता

🕰 कक्षा विवरण
📌 समय : प्रतिदिन रात्रि 09:00 – 10:00 बजे
🎙 प्रशिक्षक : डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र
📺 Live on : YouTube & Facebook — Adhyaatma Jagat
🔗 Full Playlist: [https://www.youtube.com/playlist?list=PLDVhuhFM89IDAi3Y9Fhhtwv8XKOCxEchg]

🪔 नियमित श्रवण एवं पारायण से भक्ति, विवेक, वैराग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। जय श्रीकृष्ण!

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Central Sanskrit University. Shri SADASHIVA Campus
Puri
752001

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+917974967432

Website

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