यात्रा

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देश में अब ₹१२ लाख वार्षिक आय इनकम टैक्स फ्री हो गई है। लेकिन देश के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या ये है कि इतनी बड़ी रकम क...
02/02/2025

देश में अब ₹१२ लाख वार्षिक आय इनकम टैक्स फ्री हो गई है। लेकिन देश के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या ये है कि इतनी बड़ी रकम कमाएं कैसे?

सरकारें चाहे किसी की भी रहीं हों और देश का कोई भी राज्य क्यों न हो! यदि समय पर भर्तियां नहीं आयेंगी तो देश का युवा हताश ...
02/02/2025

सरकारें चाहे किसी की भी रहीं हों और देश का कोई भी राज्य क्यों न हो! यदि समय पर भर्तियां नहीं आयेंगी तो देश का युवा हताश ही होगा। आज उसे देश के बजट से कोई लेना देना नहीं है। वो बजट को इसलिए बारीकी से देख रहा है कि किसी परीक्षा में कहां से ये बजट दो सवाल दाग देगा। बाकिर क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा.... अब सब उसकी औकात से बाहर हो चुका है।

मैं उसे छोड़ भी नहीं सकता,मैं उसका हो भी नहीं सकता।बड़ी दिलचस्प है कहानी हमारी;मैं उसे देख तो सकता हूं,मगर उसकी बाहों मे...
02/02/2025

मैं उसे छोड़ भी नहीं सकता,
मैं उसका हो भी नहीं सकता।
बड़ी दिलचस्प है कहानी हमारी;
मैं उसे देख तो सकता हूं,
मगर उसकी बाहों में सर रखकर,
मैं रो भी नहीं सकता।

सरस्वत्यै नमः ✨वसन्तोत्सवः समायाति,विद्यायाः पूजनं कुर्महे।ज्ञानं दीप्यतु चेतांसि,सरस्वती प्रसादता॥(वसंत उत्सव आ गया है,...
02/02/2025

सरस्वत्यै नमः ✨

वसन्तोत्सवः समायाति,
विद्यायाः पूजनं कुर्महे।
ज्ञानं दीप्यतु चेतांसि,
सरस्वती प्रसादता॥

(वसंत उत्सव आ गया है, हम विद्या की पूजा करते हैं। ज्ञान हमारे चित्त को प्रकाशित करे, मां सरस्वती की कृपा से।)

शान्त चेहरे के पीछे जख्म बहुत गेहरें होते हैं।
02/02/2025

शान्त चेहरे के पीछे जख्म बहुत गेहरें होते हैं।

मैं भी गलत हूँ किसी की कहानी में, कोई तो मुझे भी रोज़ कोसता होगा।
01/02/2025

मैं भी गलत हूँ किसी की कहानी में, कोई तो मुझे भी रोज़ कोसता होगा।

ये ऑडियो कैसेट याद है आपको? नब्बे के दशक में बड़ा ही शोर हुआ करता था इसका। हम लोग एक बड़े से टेप रिकॉर्डर में डाल के इसक...
01/02/2025

ये ऑडियो कैसेट याद है आपको? नब्बे के दशक में बड़ा ही शोर हुआ करता था इसका। हम लोग एक बड़े से टेप रिकॉर्डर में डाल के इसको सुनते। अपनी पसंद के गाने इसके रील में अपलोड करवाने के लिए कागज पर लिख कर ले जाते थे कि भईया ये ये गाना इसमें अपलोड कर दो। कभी कभी इसकी रील टूट जाती तो नेल पॉलिस से उसे जोड़कर ठीक करते। बाद में छोटे छोटे MP3 प्लेयर आने लगे। जिनमें फिक्स मेमोरी कार्ड होता था और उसमें एक साथ दो चार सौ गाने अपलोड होने लगे। और आज मोबाइल फोन ने सबकी जगह ले ली। पर यादें... कहां जाने वाली।

मन की शांति से बढ़कर इस दुनिया में कोई भी संपत्ति नहीं है।
01/02/2025

मन की शांति से बढ़कर इस दुनिया में कोई भी संपत्ति नहीं है।

हमारे बाद नहीं आएगा तुम्हें चाहत का ऐसा मज़ा 'फ़राज़', तुम लोगों से कहते फिरोगे मुझे चाहो उसकी तरह।-अहमद फ़राज़
31/01/2025

हमारे बाद नहीं आएगा तुम्हें चाहत का ऐसा मज़ा 'फ़राज़',
तुम लोगों से कहते फिरोगे मुझे चाहो उसकी तरह।
-अहमद फ़राज़

अगर मेरे पास दुनिया की सारी खुशियाँ होंगी, उस वक़्त भी मुझे ख़्वाहिश तेरी ही होगी।
31/01/2025

अगर मेरे पास दुनिया की सारी खुशियाँ होंगी, उस वक़्त भी मुझे ख़्वाहिश तेरी ही होगी।

शांत है संत नहीं, शुरुआत हैं अंत नही।
31/01/2025

शांत है संत नहीं, शुरुआत हैं अंत नही।

किसी भी सार्वजानिक उत्सव में किसी गड़बड़ी या उपद्रव के लिए व्यवस्था और प्रशासन का ही दोष नहीं होता। बल्कि अफ़वाह और भीड़...
30/01/2025

किसी भी सार्वजानिक उत्सव में किसी गड़बड़ी या उपद्रव के लिए व्यवस्था और प्रशासन का ही दोष नहीं होता। बल्कि अफ़वाह और भीड़ का भेड़ हो जाना भी जिम्मेदार होता है। और भीड़ जब भेड़ का रूप लेती है तो बड़े से बड़ी तैयारी और सारी विशेषज्ञता धरी की धरी रह जाती है।

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30/01/2025

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इस पूरे ब्रम्हाण्ड में ना मणिकर्णिका जैसा तीर्थ है, ना काशी जैसी नगरी है और ना विश्वनाथ जैसा दूसरा कोई दिव्य लिंग है।
30/01/2025

इस पूरे ब्रम्हाण्ड में ना मणिकर्णिका जैसा तीर्थ है, ना काशी जैसी नगरी है और ना विश्वनाथ जैसा दूसरा कोई दिव्य लिंग है।

📸 Canon
29/01/2025

📸 Canon

"प्यार अपना मुकाम चाहता है, ज़मीन पर रहकर आसमान चाहता है।"
29/01/2025

"प्यार अपना मुकाम चाहता है, ज़मीन पर रहकर आसमान चाहता है।"

हरेक के प्रश्न का उत्तर नहीं दिया जाता। और ना हर बात की हमें जानकारी है। उत्तर का अधिकारी सुयोग्य पात्र ही है, सभी नहीं।...
29/01/2025

हरेक के प्रश्न का उत्तर नहीं दिया जाता। और ना हर बात की हमें जानकारी है। उत्तर का अधिकारी सुयोग्य पात्र ही है, सभी नहीं।
– श्री प्रेमानंद जी महाराज

कोई जाने या न जाने, सबकी अंतरात्मा जानती है; वो कहाँ सही थे और कहाँ गलत।
29/01/2025

कोई जाने या न जाने, सबकी अंतरात्मा जानती है; वो कहाँ सही थे और कहाँ गलत।

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